फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Fertilizer is not available in Chandauli Officials said Urea reaching equal committees but still missing farmers alleging black marketing

चंदौली में नहीं मिल रही खाद: अधिकारी बोले- यूरिया बराबर समितियों पर पहुंच रही फिर भी गायब, कालाबाजारी का आरोप लगा रहे किसान

Sat, 22 Jan 2022 04:42 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 22 Jan 2022 04:42 PM IST
सार

अधिकारी ने बताया कि जिले में लगातार खाद आ रही है। तो वहीं, किसानों को समितियों पर खाद नहीं मि रहा है। सरकारी समितियों पर खाद न मिलने से किसानों को निजी दुकानों की ओर रुख करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
Fertilizer is not available in Chandauli Officials said Urea reaching equal committees but still missing farmers alleging black marketing
खाद-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंदौली जिले में कृषि विभाग से लेकर सहकारिता विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में लगातार खाद मंगाई जा रही है। बावजूद इसके सहकारी समितियों पर से उर्वरक गायब है। जरूरतमंद किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। लगातार इसकी शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद आपूर्ति हो रही है तो समितियों पर क्यों नहीं पहुंच रही है। यह समझ से परे है।

विज्ञापन


गेहूं की बुआई के बाद उर्वरक डालने की आवश्यकता है। ऐसे में किसान लगातार सहकारी समितियों पर पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ जिले के दर्जनों साधन सहकारी समितियों पर खाद नहीं है। समितियों के चक्कर काट-काटकर किसान थक चुके हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


सहकारिता विभाग का दावा है कि खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। जितना लक्ष्य दिया गया था, उतने खाद की आपूर्ति हो चुकी है। मांग के हिसाब से और खाद मंगाई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कि आखिर खाद जा कहां रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

किसान केदार यादव ने कहा कि वर्तमान में समितियों पर खाद गायब है। जो खाद समितियों पर 270 रुपये बोरी मिलनी चाहिए। वह निजी दुकानों पर 350 से 460 रुपये बोरी तक बेची जा रही है। परशुराम शर्मा ने कहा कि समितियों पर चंद बोरी यूरिया खाद आती है और किसानों को लाइन में खड़ा होकर लेना पड़ता है।

किसान दशरथ ने बताया कि बड़े-बड़े किसान समितियों पर खाद आते ही अपनी पैरवी लगाकर ज्यादातर यूरिया की बोरी ले लेते हैं। छोटे-छोटे किसानों को मजबूरी में प्राइवेट दुकानों पर ऊंचे दामों में खरीदना पड़ता है।

सहायक निबंधक के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार मौर्य ने बताया कि शिवपुर में 1300 एमटी (मीट्रिक टन) यूरिया का रैक लगा हुआ है। समितियों पर मांग के अनुसार चेक मंगवाकर खाद भेजी जा रही है। पहले भी 500 एमटी खाद आई थी। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed