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विभाजन की विभीषिका देख सजल हुए लोगों के नयन
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में भारत और पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका दिवस मनाया गया। इस मौके पर फोटो प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे देखकर लोगों की आंखें सजल हो गईं।
लालबहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हर घर तिरंगा सप्ताह के चौथे दिन रविवार को विभाजन की विभीषिका पर महाविद्यालय में पोस्टर प्रदर्शनी एवं गोष्ठी का आयोजन किया । इस मौके पर प्रो. संजय ने कहा कि हमें अपने इतिहास से सीख लेने की जरूरत है। प्रो. मनोज ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव ने जन जन में देश भक्ति की भावना का संचार कर दिया है। इस अवसर पर डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. दीपक, डॉ. अश्विनी, डॉ. पंकज विचार रखे। इस मौके पर रंजीत, अतुल, रामप्रकाश, सीताराम रहे।
महाविद्यालय में हुआ वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
विभाजन की विभीषिका दिवस पर स्थानीय पीजी कॉलेज में वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास है। इसके पूर्व महाविद्यालय के प्रो. दयानिधि सिंह यादव, डॉ. शमीम राईन, डॉ. अभय वर्मा, डॉ. राजेश यादव, संदीप सिंह, डॉ. इंद्रजीत सिंह, भावना द्विवेदी, अनुष्का मोदनवाल, विनोद विश्वकर्मा, नियामत अली और विपक्ष में मिथिलेश तिवारी, प्रीति कुमारी, रियासत अली, अजीत प्रजापति ने विचार व्यक्त किए। छत्रधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दयालपुर सदलपुरा में भारत का विभाजन विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर प्रबंधक डॉ. अरुण कुमार सिंह,उप प्राचार्य डॉ. नंदलाल, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, अर्चना मिश्रा रहे।
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‘छुक-छुक करते पीछे छूट गईं परंपराएं, विरासत और रिश्तेदारी’
‘दर्द खूब दिखा होगा उन बेबस आंखों में, जो अपने आबाद आशियाने को बिखरा देख मरहम लगाने चल पड़े’, ‘कौन किसका चाचा, कौन किसका मामा, बस दो सूखी रोटी और पानी का एक प्याला’, ‘छुक-छुक करते पीछे छूट गईं परंपराएं,विरासत और रिश्तेदारी’। इन स्लोगनों के लिखे चित्रों की प्रदर्शनी देख यात्रियों के आंखों मं पानी आ गया। मौका था स्थानीय जंक्शन पर विभाजन की विभीषिका दिवस पर चित्र प्रदर्शनी का।
पीडीडीयू जंक्शन पर रविवार की सुबह लगाई गई चित्र प्रदर्शनी से यात्रियों और आम लोगों ने विभाजन की त्रासदी को महसूस किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन डीआरएम राजेश कुमार पांडेय की मौजूदगी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामशरण शर्मा की पत्नी सरस्वती ने फीता काटकर किया। देश विभाजन की त्रासदी के साथ उस दौरान आमजन के विस्थापन की पीड़ा को दर्शाती यह प्रदर्शनी विभाजन का दंश झेलने वाले देशवासियों एवं उनके दृढ़ इच्छाशक्ति व समर्पण के साथ जीवन में आगे बढ़ने के प्रति सम्मान तथा स्वतंत्रता व देश प्रेम की भावना को आमजन में प्रबल बनाए रखने का एक प्रयास है। स्टेशन पर प्रदर्शित चित्र प्रदर्शनी को देख कर एकबारगी यात्री ठिठक जाते। चित्र प्रदर्शनी के साथ ही जंक्शन पर एलईडी पर भी इसका प्रसारण किया गया। इस मौके पर एडीआरएम राकेश रोशन, सीनियर डीसीएम सुधांशु रंजन, सीनियर डीपीओ अजित कुमार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र, सहायक सुरक्षा आयुक्त एचएन राम आदि रहे।
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लालबहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हर घर तिरंगा सप्ताह के चौथे दिन रविवार को विभाजन की विभीषिका पर महाविद्यालय में पोस्टर प्रदर्शनी एवं गोष्ठी का आयोजन किया । इस मौके पर प्रो. संजय ने कहा कि हमें अपने इतिहास से सीख लेने की जरूरत है। प्रो. मनोज ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव ने जन जन में देश भक्ति की भावना का संचार कर दिया है। इस अवसर पर डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. दीपक, डॉ. अश्विनी, डॉ. पंकज विचार रखे। इस मौके पर रंजीत, अतुल, रामप्रकाश, सीताराम रहे।
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महाविद्यालय में हुआ वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
विभाजन की विभीषिका दिवस पर स्थानीय पीजी कॉलेज में वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास है। इसके पूर्व महाविद्यालय के प्रो. दयानिधि सिंह यादव, डॉ. शमीम राईन, डॉ. अभय वर्मा, डॉ. राजेश यादव, संदीप सिंह, डॉ. इंद्रजीत सिंह, भावना द्विवेदी, अनुष्का मोदनवाल, विनोद विश्वकर्मा, नियामत अली और विपक्ष में मिथिलेश तिवारी, प्रीति कुमारी, रियासत अली, अजीत प्रजापति ने विचार व्यक्त किए। छत्रधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दयालपुर सदलपुरा में भारत का विभाजन विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर प्रबंधक डॉ. अरुण कुमार सिंह,उप प्राचार्य डॉ. नंदलाल, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, अर्चना मिश्रा रहे।
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‘छुक-छुक करते पीछे छूट गईं परंपराएं, विरासत और रिश्तेदारी’
‘दर्द खूब दिखा होगा उन बेबस आंखों में, जो अपने आबाद आशियाने को बिखरा देख मरहम लगाने चल पड़े’, ‘कौन किसका चाचा, कौन किसका मामा, बस दो सूखी रोटी और पानी का एक प्याला’, ‘छुक-छुक करते पीछे छूट गईं परंपराएं,विरासत और रिश्तेदारी’। इन स्लोगनों के लिखे चित्रों की प्रदर्शनी देख यात्रियों के आंखों मं पानी आ गया। मौका था स्थानीय जंक्शन पर विभाजन की विभीषिका दिवस पर चित्र प्रदर्शनी का।
पीडीडीयू जंक्शन पर रविवार की सुबह लगाई गई चित्र प्रदर्शनी से यात्रियों और आम लोगों ने विभाजन की त्रासदी को महसूस किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन डीआरएम राजेश कुमार पांडेय की मौजूदगी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामशरण शर्मा की पत्नी सरस्वती ने फीता काटकर किया। देश विभाजन की त्रासदी के साथ उस दौरान आमजन के विस्थापन की पीड़ा को दर्शाती यह प्रदर्शनी विभाजन का दंश झेलने वाले देशवासियों एवं उनके दृढ़ इच्छाशक्ति व समर्पण के साथ जीवन में आगे बढ़ने के प्रति सम्मान तथा स्वतंत्रता व देश प्रेम की भावना को आमजन में प्रबल बनाए रखने का एक प्रयास है। स्टेशन पर प्रदर्शित चित्र प्रदर्शनी को देख कर एकबारगी यात्री ठिठक जाते। चित्र प्रदर्शनी के साथ ही जंक्शन पर एलईडी पर भी इसका प्रसारण किया गया। इस मौके पर एडीआरएम राकेश रोशन, सीनियर डीसीएम सुधांशु रंजन, सीनियर डीपीओ अजित कुमार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र, सहायक सुरक्षा आयुक्त एचएन राम आदि रहे।