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Chandauli News: जिला अस्पताल में रोजाना भर्ती हो रहे निमोनिया पीड़ित आठ से 10 बच्चे
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चंदौली। ठंड की वजह से बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल में एक सप्ताह पहले जहां अस्पताल और मातृ शिशु विंग में 60 बच्चे पहुंचते थे वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा हो गई है। रोजाना 8 से 10 निमोनिया पीडि़त बच्चे भर्ती हो रहे हैं।
पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय और 20 बेड के मातृ शिशु विंग में प्रतिदिन 100 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। ठंड बढ़ने के कारण बच्चे संक्रामक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इस समय मातृ शिशु विंग में 17 बच्चे भर्ती हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में बच्चों को दिखाने के लिए बाहर तक लाइन देखने को मिल रही है। प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे के ओपीडी में इलाज होते हैं। जिसमें से 8 से 10 बच्चे प्रतिदिन भर्ती होते हैं। ज्यादातर बच्चे निमोनिया, जकड़न व कोल्ड डायरिया और फेफड़े के संक्रमण के पाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि ठंड में नवजात शिशु, छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में नवजात शिशु एवं छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार एवं निमोनिया के साथ फेफड़े में संक्रमण होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में सभी लोगों को ठंड के मौसम में सुरक्षित रहने की जरूरत है। बच्चों को सर्दी होने पर जोर-जोर से छींक आने, नाक बहने, गले में खरास या खांसी आने, शरीर में जकड़न या बुखार होने, उल्टी व दस्त होने प्रमुख लक्षण है। गर्म कपड़े पहनकर घर से निकलें। पैर में जूते-मोजे पहनें। छोटे बच्चों को ठंडी हवा न लगने दें।
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पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय और 20 बेड के मातृ शिशु विंग में प्रतिदिन 100 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। ठंड बढ़ने के कारण बच्चे संक्रामक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इस समय मातृ शिशु विंग में 17 बच्चे भर्ती हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में बच्चों को दिखाने के लिए बाहर तक लाइन देखने को मिल रही है। प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे के ओपीडी में इलाज होते हैं। जिसमें से 8 से 10 बच्चे प्रतिदिन भर्ती होते हैं। ज्यादातर बच्चे निमोनिया, जकड़न व कोल्ड डायरिया और फेफड़े के संक्रमण के पाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि ठंड में नवजात शिशु, छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में नवजात शिशु एवं छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार एवं निमोनिया के साथ फेफड़े में संक्रमण होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में सभी लोगों को ठंड के मौसम में सुरक्षित रहने की जरूरत है। बच्चों को सर्दी होने पर जोर-जोर से छींक आने, नाक बहने, गले में खरास या खांसी आने, शरीर में जकड़न या बुखार होने, उल्टी व दस्त होने प्रमुख लक्षण है। गर्म कपड़े पहनकर घर से निकलें। पैर में जूते-मोजे पहनें। छोटे बच्चों को ठंडी हवा न लगने दें।
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