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डाक्टर हड़ताल पर रहे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:41 AM IST
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सपा कार्यकर्ताओं द्वारा चिकित्सक की पिटाई से नाराज जिला चिकित्सालय के
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चिकित्सक और कर्मचारी गुरुवार को दोपहर तक हड़ताल पर रहे और बांह पर काली
पट्टी बांध कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से मरीज हलाकान रहे। ओपीडी से लेकर जांच तक का कार्य बंद रहा। चिकित्सक मुख्य आरोपी के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने की मांग पर अड़े रहे।
उन्होंने जिलाधिकारी को पत्रक भी सौंपा। डीएम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा। इसके बाद चिकित्सक काम पर लौटे।
बुधवार को सयुस के कार्यकर्ताओं ने मरीज को बाहर से दवा खिलने के मामले को लेकर जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक की पिटाई की दी थी। इससे नाराज चिकित्सकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया और काम नहीं किया।
चिकित्सकों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। चिकित्सक सुबह बांह पर काली पट्टी बांधकर अस्पताल आए और धरने पर बैठे रहे। इस बीच मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। जनपद के साथ ही बिहार से आए मरीज भी परेशान रहे। अधिकारियों ने चिकित्सकों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
चिकित्सक अपनी मांग के साथ जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से मिले। उधर तनाव को देखते हुए जिला चिकित्सालय में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। अस्पताल के बाहर सिपाहियों और होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।
इस दौरान अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से मरीज हलाकान रहे। ओपीडी से लेकर जांच तक का कार्य बंद रहा। चिकित्सक मुख्य आरोपी के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने की मांग पर अड़े रहे।
उन्होंने जिलाधिकारी को पत्रक भी सौंपा। डीएम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा। इसके बाद चिकित्सक काम पर लौटे।
बुधवार को सयुस के कार्यकर्ताओं ने मरीज को बाहर से दवा खिलने के मामले को लेकर जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक की पिटाई की दी थी। इससे नाराज चिकित्सकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया और काम नहीं किया।
चिकित्सकों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। चिकित्सक सुबह बांह पर काली पट्टी बांधकर अस्पताल आए और धरने पर बैठे रहे। इस बीच मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। जनपद के साथ ही बिहार से आए मरीज भी परेशान रहे। अधिकारियों ने चिकित्सकों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
चिकित्सक अपनी मांग के साथ जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से मिले। उधर तनाव को देखते हुए जिला चिकित्सालय में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। अस्पताल के बाहर सिपाहियों और होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।