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वन रक्षकों के हितों पर चर्चा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:56 AM IST
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अधिवेशन मे बोलते डीएफओ गोपाल ओझा।
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वन राष्ट्रीय संपत्ति हैं, इनकी सुरक्षा देश तथा पर्यावरण के हित में है। वनों की सुरक्षा का अधिकतम दायित्व वनरक्षकों पर है। इसलिए वनरक्षकों को सशस्त्र बल का दर्जा देने पर शासन द्वारा विचार विमर्श जारी है। उक्त विचार उत्तर प्रदेश वन रक्षक संघ के अधिवेशन को संबोधित करते हुए रविवार को प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वनकर्मियों को अपना दायित्व ईमानदारी तथा निष्ठा से निभाने की जरूरत है तथा उनकी हर समस्याओं के समाधान का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काशी वन्य जीव प्रभाग के वनरक्षकों द्वारा प्रेषित 12 सूत्री मांगो को या तो पूरा कर दिया गया हैं या शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिवेणी प्रसाद ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के विनियमितीकरण के संबंध में मांग उठाते हुए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की स्थिति पर चर्चा की। वनरक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि संघ के संघर्षों के कारण ही हेड फारेस्ट गार्ड के पद का सृजन रोक दिया गया हैं। वनरक्षकों की पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची भी स्वीकृत करा दी गई है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ कर्मचारियों के हित के लिए कृत संकल्पित है। अधिवेशन के दौरान वनरक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अंगद सिंह ने लोगों का स्वागत किया। महामंत्री मुश्ताक अहमद खान ने 12 सूत्री मांग पत्र को पढ़कर सुनाया। अधिवेशन में घिराहु प्रसाद, कन्हैया यादव, श्यामलाल, सारनाथ सिंह, चकिया रेंजर ताराशंकर यादव, चंद्रप्रभा रेंजर रविशंकर शुक्ला, राजपथ रेंजर नंदलाल कुशवाहा, मनीष राय, अखिलेश चौबे, सुरेन्द्र रॉव, एसके शैलेष आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता रमाशंकर सिंह यादव ने और संचालन शमीम खान ने किया।
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उन्होंने कहा कि वनकर्मियों को अपना दायित्व ईमानदारी तथा निष्ठा से निभाने की जरूरत है तथा उनकी हर समस्याओं के समाधान का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काशी वन्य जीव प्रभाग के वनरक्षकों द्वारा प्रेषित 12 सूत्री मांगो को या तो पूरा कर दिया गया हैं या शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा।
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चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिवेणी प्रसाद ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के विनियमितीकरण के संबंध में मांग उठाते हुए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की स्थिति पर चर्चा की। वनरक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि संघ के संघर्षों के कारण ही हेड फारेस्ट गार्ड के पद का सृजन रोक दिया गया हैं। वनरक्षकों की पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची भी स्वीकृत करा दी गई है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ कर्मचारियों के हित के लिए कृत संकल्पित है। अधिवेशन के दौरान वनरक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अंगद सिंह ने लोगों का स्वागत किया। महामंत्री मुश्ताक अहमद खान ने 12 सूत्री मांग पत्र को पढ़कर सुनाया। अधिवेशन में घिराहु प्रसाद, कन्हैया यादव, श्यामलाल, सारनाथ सिंह, चकिया रेंजर ताराशंकर यादव, चंद्रप्रभा रेंजर रविशंकर शुक्ला, राजपथ रेंजर नंदलाल कुशवाहा, मनीष राय, अखिलेश चौबे, सुरेन्द्र रॉव, एसके शैलेष आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता रमाशंकर सिंह यादव ने और संचालन शमीम खान ने किया।