चहनियां। स्थानीय विकास खंड के मथेला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर दिव्यांग बच्चों की खेल प्रतियोगिताएं हुई। इसमें शारीरिक, मानसिक, मूक बधिर, दृष्टिहीन बच्चों ने विभिन्न खेलों में दम खम दिखाया। विजेता खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि विकलांगता आज के परिवेश में बच्चों के विकास में रुकावट नहीं पैदा कर सकती। सरकार विकलांग बच्चों के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इसका लाभ उठाकर बच्चे अपना विकास कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि समाजसेेवी डॉ. सरिता मौर्य ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। दिव्यांग बच्चों ने हौसलों से दिखा दिया है कि मौका मिले तो वे सामान्य लोगों से आगे निकल सकते हैं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए समय समय पर कैंप आयोजित कर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का आह्वान किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के माता-पिता का आह्वान करते हुए कहा कि वे दिव्यांग बच्चों को बोझ न समझे। इसके पूर्व प्रतियोगिता के तहत सुलेख में तनुश्री और सुगम, गणित में शुभम और रोशन कुमार, चित्रकला में तनुश्री और ज्योति, कुर्सी दौड़ में ज्योति और अलका लंबी दौड़ में ज्योति, साक्षी पहचान में रिद्धिमा, सृष्टि अव्वल रही। प्रतियोगिता में तीस बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ। प्रतियोगिता के दौरान आईटी टीचर ममता पांडेय, अनिल विश्वकर्मा, योगेन्द्र वर्मा, अमरनाथ दुबे, अजय कुमार मिश्रा, त्रिभुवन मौर्य रहे।