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लाकडाउन: रमजान पर बाजार में नहीं दिखेगी चहल पहल

Wed, 22 Apr 2020 09:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 09:36 PM IST
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direction regarding ramjan in chandauli
पीडीडीयू नगर। सबसे पवित्र माना जाने वाला माह-ए-रमजान की तैयारियां तेज हो गई है। चांद के दीदार के अनुसार 24 अथवा 25 से रमजान की शुरूआत होगी। इस बार का माह ए रमाजन अन्य वर्षों से कुछ जुदा होगा। इस बार कोरोना वायरस के चलते लाकडाउन में इस मुबारक महीने में बाजार में चहल पहल नहीं रहेगी। मस्जिदों के बंद होने से यहां सामुहिक रूप से पांचों वक्त की नमाज, तरावीह आदि नही होंगे। मस्जिदों के बाहर सजने वाली खजूर, सेवइयों, कपड़ों की दुकानें भी नहीं सजेगी।
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मुस्लिम समाज के लिए माह ए रमजान सबसे पवित्र माना जाता है। एक माह तक रोजा रखा जाता है। शाम के वक्त सामूहिक रूप से इफ्तार कर रोजा खोलते हैं। इसके लिए लंबे समय से तैयारियां की जा रही है। इसको लेकर लोगों में उत्साह है। दूसरी तरफ कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश में लॉकडाउन के कारण बाजार बंद हैं। वहीं मस्जिदों में भी सामुहिक नमाज पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में इस बार रमजान कुछ अलग तरीके से मनाया जाएगा। पूर्व में रमजान के पहले ही नगर के जामा मस्जिद, अलीनगर जामा मस्जिद के साथ मुस्लिम बहुल इलाकों सेवइयों, खजूर आदि की दुकाने सज जाती थी। सामूहिक इफ्तार का सिलसिला शुरू हो जाता लेकिन इस बार लगा दी गई है। पुलिस ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। लोगों को इफ्तार और सहरी के लिए सामान घर पर ही डिलेवरी होगी। थानों में शांति समिति की बैठक में मौलवियों से सामूहिक नमाज न अदा करने का आह्वान किया गया है। सैयदराजा: माह ए रमजान में बाजारों में खजूर की बिक्री में तेजी आएगी लेकिन अरब देशों से आने वाला खजूर नहीं मिलेगा। मुस्लिम कैलेंडर के हिसाब से नौंवा महीना माह ए रमजान होता है। रमजान के पहली तारीख से चांद के हिसाब से 29 या 30 रोजा रखा जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह फज्जर की नमाज से पहले कुछ खा कर रोजा रखते हैं और मगरिब (शांम) की आजान सुनकर खजूर खाकर रोजा खोलते हैं। खजूर खाड़ी देशों सेे आता है। इस वर्ष कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पूरा विश्व लॉकडाउन है। ऐसे में खजूर की आवक बंद है। इससे इस वर्ष खजूर के महंगे होने की आशंका है। जामा मस्जिद मौलाना अर्से आजम ने बताया की खजूर से रोजा खोलना सुन्नत हैं लेकिन खजूर न मिलने पर पानी या किसी भी मीठे चीज से रोजा खोला जा सकता है।
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