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ौसपुर-खोर मार्ग पर जलभराव से चलना हुआ दुश्वार
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पीडीडीयू नगर। एक दिन की बारिश के बाद करीब चार किमी लंबा गौसपुर-खोर संपर्क मार्ग झील में तब्दील हो गया है। सड़क पर हुए जलभराव से लोगों के लिए आवागमन मुश्किल भरा हो गया है। विभागीय अधिकारियों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार के बाद भी मार्ग पर मरम्मत कार्य न होने से लोगों में नाराजगी है।
सकलडीहा व धानापुर विकास क्षेत्र के गांवों को आपस में जोड़ने वाले करीब चार किमी लंबे खोर-गौसपुर मार्ग की हालत बारिश के बाद काफी बदहाल हो गई है। मार्ग पर बने-बड़े बड़े गड्ढों के चलते पता ही नहीं चलता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है। मार्ग पर बने गड्ढों व उनमें भरे बारिश के पानी के चलते ग्रामीणों को आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग सकलडीहा व धानापुर ब्लाक के गांवों को आपस में जोड़ने का सबसे सुगम मार्ग है। इस मार्ग से खोर, ओनावल, नोनार, कादिराबाद, गौसपुर, फुल्ली, मड़ैया, मनियारपुर, रैपुरा, ढोढिया, नौरंगाबाद सहित दर्जनों गांवों के लोग आवागमन करते हैं। मार्ग के बदहाल होने के चलते वाहन से तो दूर पैदल चलना भी लोहे के चने चबाने के जैसा महसूस हो रहा है। लोगों का कहना है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास का पहिया होती हैं लेकिन गौसपुर-खोर मार्ग मात्र गड्ढे के रूप में बचा है। बढ़वल व महाइच परगना की लाइफ लाइन कहे जाने वाले इस मार्ग पर बारिश का पानी जमा हो जाने से आने-जाने में काफी कठिनाई हो रही है। मार्ग पर चलना लोहे के चने चबाने के समान महसूस हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क पर मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डीपी सिंह ने कहा कि शीघ्र ही जिले में गड्ढामुक्ति अभियान आरंभ किया जाएगा। इस दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत करा दी जाएगी।
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सकलडीहा व धानापुर विकास क्षेत्र के गांवों को आपस में जोड़ने वाले करीब चार किमी लंबे खोर-गौसपुर मार्ग की हालत बारिश के बाद काफी बदहाल हो गई है। मार्ग पर बने-बड़े बड़े गड्ढों के चलते पता ही नहीं चलता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है। मार्ग पर बने गड्ढों व उनमें भरे बारिश के पानी के चलते ग्रामीणों को आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग सकलडीहा व धानापुर ब्लाक के गांवों को आपस में जोड़ने का सबसे सुगम मार्ग है। इस मार्ग से खोर, ओनावल, नोनार, कादिराबाद, गौसपुर, फुल्ली, मड़ैया, मनियारपुर, रैपुरा, ढोढिया, नौरंगाबाद सहित दर्जनों गांवों के लोग आवागमन करते हैं। मार्ग के बदहाल होने के चलते वाहन से तो दूर पैदल चलना भी लोहे के चने चबाने के जैसा महसूस हो रहा है। लोगों का कहना है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास का पहिया होती हैं लेकिन गौसपुर-खोर मार्ग मात्र गड्ढे के रूप में बचा है। बढ़वल व महाइच परगना की लाइफ लाइन कहे जाने वाले इस मार्ग पर बारिश का पानी जमा हो जाने से आने-जाने में काफी कठिनाई हो रही है। मार्ग पर चलना लोहे के चने चबाने के समान महसूस हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क पर मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डीपी सिंह ने कहा कि शीघ्र ही जिले में गड्ढामुक्ति अभियान आरंभ किया जाएगा। इस दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत करा दी जाएगी।
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