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Chandauli News: अर्धनिर्मित स्मारक स्थल पर बुलडोजर चलाने के विरोध में शुरू किया धरना
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चहनिया। डॉ. भीमराव अंबेडकर के अर्धनिर्मित स्मारक पर बुलडोजर चलने के विरोध में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और पुस्तकालय निर्माण समिति की ओर से सोमवार को धरना शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्मारक स्थल पर बुलडोजर चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजने तथा ग्राम समाज की तरफ से दी गई जमीन पर डॉ.भीमराव आंबेडकर स्मारक व पुस्तकालय के लिए राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की मांग की। साथ ही मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
वक्ताओं कहना था कि आराजी नंबर 287 के एक डिसमिल बंजर भूमि पर पपौरा में काली माता मंदिर के निर्माण के लिए जमीन दी गई। रकबा छोटा होने पर ग्रामीणों ने अपनी जमीन भी दी। जहां काली माता मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद डाॅ. भीमराव अंबेडकर स्मारक व पुस्तकालय निर्माण समिति की मांग पर ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंधन समिति ने दिनांक बीते 20 मार्च को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में उक्त जमीन को डाॅ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और पुस्तकालय निर्माण के लिए प्रस्ताव पास कर आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया। बीते 15 अप्रैल को उक्त भूमि पर वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था। उस दौरान उक्त जमीन पर अर्धनिर्मित स्मारक पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के साथ बैनर लगाया गया था। बीते 17 अप्रैल सुबह करीब 8:40 बजे एक कंपनी के परियोजना प्रबंधक उदय पंत और ठेकेदार संदीप सिंह सहयोगियों के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर लेकर पहुंचे और अर्धनिर्मित स्मारक को ध्वस्त कराने लगे। मौके पर मौजूद लोगों के कड़े विरोध को देखते हुए ध्वस्तीकरण रुक गया। वक्ताओं ने ग्राम पंचायत पपौरा द्वारा प्रस्तावित उक्त आराजी नंबर की भूमि को डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक तथा पुस्तकालय के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की मांग की। साथ ही स्मारक व पुस्तकालय बनाए जाने की अनुमति प्रदान करने की भी मांग की। इस दौरान भाकपा (माले) के जिला सचिव अनिल पासवान, एपवा रे जिला उपाध्यक्ष श्यामदेई, इनौस की जिला कौंसिल के सदस्य इंद्रजीत मौर्य, किसान महासभा के नेता राजेश मौर्य के अलावा शशिकांत सिंह, तेजू राय, ग्राम प्रधान जयराम शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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वक्ताओं कहना था कि आराजी नंबर 287 के एक डिसमिल बंजर भूमि पर पपौरा में काली माता मंदिर के निर्माण के लिए जमीन दी गई। रकबा छोटा होने पर ग्रामीणों ने अपनी जमीन भी दी। जहां काली माता मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद डाॅ. भीमराव अंबेडकर स्मारक व पुस्तकालय निर्माण समिति की मांग पर ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंधन समिति ने दिनांक बीते 20 मार्च को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में उक्त जमीन को डाॅ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और पुस्तकालय निर्माण के लिए प्रस्ताव पास कर आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया। बीते 15 अप्रैल को उक्त भूमि पर वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था। उस दौरान उक्त जमीन पर अर्धनिर्मित स्मारक पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के साथ बैनर लगाया गया था। बीते 17 अप्रैल सुबह करीब 8:40 बजे एक कंपनी के परियोजना प्रबंधक उदय पंत और ठेकेदार संदीप सिंह सहयोगियों के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर लेकर पहुंचे और अर्धनिर्मित स्मारक को ध्वस्त कराने लगे। मौके पर मौजूद लोगों के कड़े विरोध को देखते हुए ध्वस्तीकरण रुक गया। वक्ताओं ने ग्राम पंचायत पपौरा द्वारा प्रस्तावित उक्त आराजी नंबर की भूमि को डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक तथा पुस्तकालय के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की मांग की। साथ ही स्मारक व पुस्तकालय बनाए जाने की अनुमति प्रदान करने की भी मांग की। इस दौरान भाकपा (माले) के जिला सचिव अनिल पासवान, एपवा रे जिला उपाध्यक्ष श्यामदेई, इनौस की जिला कौंसिल के सदस्य इंद्रजीत मौर्य, किसान महासभा के नेता राजेश मौर्य के अलावा शशिकांत सिंह, तेजू राय, ग्राम प्रधान जयराम शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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