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स्थायी दूध मंडी की मांग
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पीडीडीयू नगर। कई दशकों से जनपद के चकिया तिराहे पर अस्थायी दूध की मंडी लगाई जा रही है। स्थायी दूध मंडी की मांग के लिए गुरुवार को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व सदस्य संतोष यादव के नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधि मंडल एडीएम बच्चा लाल से मिला। इस दौरान उन्होंने एडीएम को पत्रक सौंप कर स्थायी दूध मंडी बनवाने की मांग की।
लगभग पांच दशकों से जनपद के दूधिए नगर स्थित चकिया तिराहे के समीप मंडी में दूध बेच रहे हैं। इसके पूर्व वे दूध मंडी सपा कार्यालय के समीप लगाई जाती थी लेकिन सड़क चौड़ीकरण के दौरान वहां से मंडी हटा दी गई। इसके बाद मानसरोवर तालाब के समीप दूध मंडी लगने लगी लेकिन तालाब के सुंदरीकरण के बाद यहां से भी दूध मंडी हटकर चकिया तिराहे पहुंच गई। अब मंडी के समीप पेट्रोल पंप खुल गया है। इससे दूधियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पत्रक सौंपने वालों का कहना था कि जिला प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से दूधिए सड़क किनारे फुटपाथ पर दूध बेचने को विवश हैं। मंडी में फुटकर और थोक में प्रतिदिन लगभग 2000 लीटर दूध का क्रय-विक्रय होता है। एडीएम ने दूधियों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही जगह का चयन कर दूध मंडी बनाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में रामविलास प्रधान, सभासद विनय यादव डब्बू, अशोक यादव, धीरज यादव, प्रदीप यादव, राजेश यादव, आदि शामिल रहे।
प्रदेश की पूर्व सपा सरकार में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व सदस्य संतोष यादव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्रक के माध्यम से दूध मंडी बनवाने की मांग की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद मामला अधर में लटक गया। इससे दूधियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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लगभग पांच दशकों से जनपद के दूधिए नगर स्थित चकिया तिराहे के समीप मंडी में दूध बेच रहे हैं। इसके पूर्व वे दूध मंडी सपा कार्यालय के समीप लगाई जाती थी लेकिन सड़क चौड़ीकरण के दौरान वहां से मंडी हटा दी गई। इसके बाद मानसरोवर तालाब के समीप दूध मंडी लगने लगी लेकिन तालाब के सुंदरीकरण के बाद यहां से भी दूध मंडी हटकर चकिया तिराहे पहुंच गई। अब मंडी के समीप पेट्रोल पंप खुल गया है। इससे दूधियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पत्रक सौंपने वालों का कहना था कि जिला प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से दूधिए सड़क किनारे फुटपाथ पर दूध बेचने को विवश हैं। मंडी में फुटकर और थोक में प्रतिदिन लगभग 2000 लीटर दूध का क्रय-विक्रय होता है। एडीएम ने दूधियों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही जगह का चयन कर दूध मंडी बनाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में रामविलास प्रधान, सभासद विनय यादव डब्बू, अशोक यादव, धीरज यादव, प्रदीप यादव, राजेश यादव, आदि शामिल रहे।
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प्रदेश की पूर्व सपा सरकार में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व सदस्य संतोष यादव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्रक के माध्यम से दूध मंडी बनवाने की मांग की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद मामला अधर में लटक गया। इससे दूधियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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