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Chandauli News: फंदे से लटकता मिला व्यक्ति का शव

Tue, 12 Nov 2024 01:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2024 01:25 AM IST
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Dead body of a person found hanging from a noose
पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चतुर्भुजपुर में सोमवार को सुबह कमरे में एक व्यक्ति का शव फंदे से लटकता मिला। परिवार वालों के अनुसार उसने माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था। किश्त न भर पाने के कारण वह परेशान था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पद्मकांत खरवार उर्फ घंटु (48) अपनी पत्नी साधना के साथ पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर मुहल्ला में एक किराए के मकान में रहता था। वह मजदूरी करता था। उसके दो बेटे व एक बेटी हैं। रोजाना की तरह पद्मकांत और उसके परिवार के लोग रविवार की रात में अपने कमरे में सो गए। सोमवार की सुबह पद्मकांत की पत्नी साधना उठी तो पति कमरे में नहीं था। जब वह घर से बाहर निकली तो देखा कि सीढ़ी के ऊपर पड़ी एशबेस्टस की छत में लगे पाइप के सहारे पति का शव लटका है। यह देख उसके होश उड़ गए। उसकी चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग एकत्र हो गए। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और शव को नीचे उतारा। पद्मकांत की पत्नी साधना ने बताया कि क्षेत्र के ही कुछ लोगों की मदद से माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। बताया कि लोन मिलने के बाद बिचौलियों ने सारी रकम अपने पास रख ली थी। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से लोन की किश्त नहीं भर पा रहे थे, जिससे वह परेशान थे। वहीं फाइनेंस कर्मी किश्त भरने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी वजह से पति ने आत्महत्या की है। इस संंबंध में मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, मामले की जांच की जा रही है।
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इनसेट

कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाते हैं माइक्रो फाइनेंस कर्मी
पीडीडीयू नगर। जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट लोगों को लोन दिलाते हैं। लोन तो आसानी से मिल जाता है लेकिन किश्त भरने के बाद ये लोग अत्यधिक दबाव बनाते हैं। कभी किश्त के पैसे जमा करने में देरी हो जाती है तो बहुत ज्यादा ब्याज वसूला जाता है। कंपनी के एजेंट विशेष रूप से महिलाओं की समिति तैयार करते हैं और दस से बीस प्रतिशत ब्याज पर 20 से 50 हजार रुपये तक का लोन देते हैं। इसके बाद हर हफ्ते अथवा महीने में दो बार किश्त वसूली जाती है। समूह का कोई एक व्यक्ति पैसा लेकर भाग जाता है तो बाकी सदस्यों से वसूली की जाती है। ऐसे में समूह में शामिल सभी लोग कर्ज का पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाते हैं।
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