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शिक्षा अनुदेशक की हत्या

Wed, 20 Jan 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली Updated Wed, 20 Jan 2016 01:31 AM IST
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Education instructor killed
नगर में वार्ड नंबर 11 निवासी शिक्षा अनुदेशक राजमणि प्रसाद की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई।
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मंगलवार की सुबह मां काली मंदिर पोखरा परिसर के पास से उनका शव बरामद हुआ।

गले पर नीला निशान था। परिवार वालों के अनुसार सोमवार की शाम किसी ने अनुदेशक को फोन कर निर्भयदास हनुमान मंदिर के पास बुलाया था। वहां जाने के बाद से वह लापता हो गया।

रात में ही इसकी सूचना कोतवाली पुलिस और एसपी को दी गई थी। उधर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया  है।


  नगर के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी दासूजी वर्मा का पुत्र राजमणि प्रसाद (32) कोतवाली क्षेत्र के हेतिमपुर स्थित दूबेपुर माफी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अनुदेशक था। परिवार वालों के अनुसार सोमवार की शाम लगभग 7 बजे राजमणि के  मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया था।

फोन करने वाले ने अपने को राजमणि का होने वाला साला बताकर नगर के निर्भयदास  हनुमान मंदिर  के पास  बुलाया था। राजमणि ने अपनी मां मालती देवी को यह बात बताई और मिलने चले गए।

कई घंटे बाद जब राजमणि  घर नहीं लौटे और मोबाइल पर संपर्क भी नहीं हुआ तो घर वालों ने अपहरण की आशंका जताते हुए कोतवाली को सूचित किया और फोन से एसपी को भी इसकी जानकारी दी।

मंगलवार की सुबह राजमणि का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव के गले पर नीला निशान और मफलर बंधा दिखा।

चेहरे पर भी चोट के निशान थे। शव मिलते ही इलाके के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर सीओ नृपेन्द्र कुमार भी पहुंच गए। लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने जल्द से जल्द हत्या का खुलासा करने का आश्वासन दिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुरक्षा के दृष्टि से बाजार में एक प्लाटून पीएसी की तैनाती की गई है।

इनसेट-
अनुदेशक राजमणि वर्मा के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया गया है और मामले की तहकीकात कई बिंदुओं पर की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
कोतवाल अजय अवस्थी
 चकिया

वर्जन
घटना की जानकारी मिली है। मामले को पुलिस टीम तीन खंडों में रखकर जांच कर रही है। मोबाइल नंबर पर कहां से काल आई थी इसका डिटेल निकाला जा रहा है। शीघ्र ही मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
अमित वर्मा
पुलिस अधीक्षक, चंदौली

इनसेट
आखिर क्यों हुई हत्या
चकिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा अनुदेशक राजमणि की हत्या से लोग स्तब्ध हैं। किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि उसकी हत्या क्यों हुई है। पिता की तीन संतानों में दूसरे नंबर पर राजमणि थे और पढ़ाई लिखाई के बाद हाल ही वह शिक्षा अनुदेशक बने थे।

परिवार वालों की माने तो उसकी शादी बिहार के मोकामा में तय हुई थी और हाल में ही छेकइया भी हुई थी। बड़ा भाई दिलीप पिता के काम में हाथ बंटाते हैं, जबकि छोटे भाई संतोष वर्मा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। परिवार में किसी से दुश्मनी भी नहीं थी।
इनसेट-
विरोध में बंद रही दूकानें
चकिया। अनुदेशक राजमणि की हत्या के विरोध में व्यापार मंडल के आह्वान पर चकिया नगर की दूकानें दिन भर बंद रही। व्यापारियों ने गांधी पार्क के समीप सभा की।

सभा में व्यापारी पुत्र की हत्या पर पुलिस के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सभा में व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कुमार गुप्त, महामंत्री अरविंद मोदनवाल, सोनू आलम,मनीष जायसवाल, अजय कुमार शिवजी, अशोक कुमार बागी, कैलाश प्रसाद जायसवाल आदि रहे।

इनसेट-
शिक्षकों में भी नाराजगी
चकिया। शिक्षा अनुदेशक की हत्या से शिक्षक समुदाय में नाराजगी है। शिक्षकों ने  शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में डीएम को पत्रक सौंप कर जहां हत्याकांड के जल्द खुलासा करने की मांग की है, वहीं शोक सभा कर राजमणि को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

 शिक्षक संघ ने मृतक आश्रित को नौकरी, दस लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की। इसी तरह उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की स्थानीय बीआरसी पर हुई सभा में शिक्षक अनुदेशक के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी क्षमा शंकर पांडेय, संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र मोहन सिंह, विमल सिंह, ओमप्रकाश भारती, कैलाश प्रसाद, सुनील सिंह आदि रहे।
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