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कोर्ट में आग के मामले की जांच करेगी क्राइम ब्रांच -संशोधित--
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:44 AM IST
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चंदौली। एडीजे और एससीएसटी कोर्ट में आग लगाने के मामले में 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष सिंह ने इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इसकी जांच शुरू कर दी है। मगर अब तक इस मामले में पुलिस न तो आरोपियों तक पहुंच सकी है और न ही किसी के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज कराया जा सका है। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस अभी जैसे-तैसे मामले को आगे बढ़ा रही है।
बुधवार की रात अचानक अगलगी की घटना में एससी/ एसटी, गैंगेस्टर, हत्या व नक्सलियों के मुकदमों से संबंधित सैकड़ों फाइलें राख में तब्दील हो गई। चर्चा तो यह भी है कि एडीजे और एससीएसटी कोर्ट में आग किसी ने जानबूझकर लगाई थी जिससे कि मामले को खत्म किया जा सके। फारेंसिक टीम ने मौके पर जांच करने के बाद कुछ सैंपल भी जुटाए थे और लापरवाही मानते हुए ड्यूटी पर तैनात दो सिपाहियों को एसपी निलंबित कर दिया था। इस दौरान संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा भी किया गया था। लेकिन घटना के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ अभी खाली है। वहीं पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं करने से अधिवक्ताओं में भी काफी नाराजगी है।
मुख्यालय के पंडित कमलापति राजकीय डिग्री कालेज परिसर में संचालित एडीजे कोर्ट में कार्यालय में बुधवार रात आग लग गई थी। लेकिन जिला मुख्यालय पर पुलिस को इसकी जानकारी गुरुवार की सुबह हुई। इसके बाद एसपी ने इसकी जांच के लिए सीओ सदर की जिम्मेदारी दी थी। मगर अभी तक पुलिस न तो आग लगने के कारणों का पता लगा सकी और न ही उन शरारती तत्वों का जिसने कोर्ट में आग लगाई थी। जिला पुलिस संदिग्धों की शिनाख्त और गिरफ्तारी करने में पुलिस अभी भी नाकाम है।
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कोर्ट में आग लगने की घटना क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। कोर्ट में आग कैसे लगी और कौन लोग इसमें शामिल हैं, जल्द ही इन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। संतोष कुमार सिंह, एसपी चंदौली।
बुधवार की रात अचानक अगलगी की घटना में एससी/ एसटी, गैंगेस्टर, हत्या व नक्सलियों के मुकदमों से संबंधित सैकड़ों फाइलें राख में तब्दील हो गई। चर्चा तो यह भी है कि एडीजे और एससीएसटी कोर्ट में आग किसी ने जानबूझकर लगाई थी जिससे कि मामले को खत्म किया जा सके। फारेंसिक टीम ने मौके पर जांच करने के बाद कुछ सैंपल भी जुटाए थे और लापरवाही मानते हुए ड्यूटी पर तैनात दो सिपाहियों को एसपी निलंबित कर दिया था। इस दौरान संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा भी किया गया था। लेकिन घटना के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ अभी खाली है। वहीं पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं करने से अधिवक्ताओं में भी काफी नाराजगी है।
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मुख्यालय के पंडित कमलापति राजकीय डिग्री कालेज परिसर में संचालित एडीजे कोर्ट में कार्यालय में बुधवार रात आग लग गई थी। लेकिन जिला मुख्यालय पर पुलिस को इसकी जानकारी गुरुवार की सुबह हुई। इसके बाद एसपी ने इसकी जांच के लिए सीओ सदर की जिम्मेदारी दी थी। मगर अभी तक पुलिस न तो आग लगने के कारणों का पता लगा सकी और न ही उन शरारती तत्वों का जिसने कोर्ट में आग लगाई थी। जिला पुलिस संदिग्धों की शिनाख्त और गिरफ्तारी करने में पुलिस अभी भी नाकाम है।
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कोर्ट में आग लगने की घटना क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। कोर्ट में आग कैसे लगी और कौन लोग इसमें शामिल हैं, जल्द ही इन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। संतोष कुमार सिंह, एसपी चंदौली।