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डैमेज कंट्रोल में जुटी पुलिस
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:13 AM IST
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चंदौली। बसंतपुर और बिसुंधरी गांव के ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट का ठीकरा पुलिस के सिर पर फूट रहा है। दोनों ही पक्षों का कहना है कि यदि पुलिस ने तत्काल ठोस कदम उठाए होते तो घटना रोकी जा सकती थी। बहरहाल भाजपा और सपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। ऐसे में पुलिस भी डैमेज कंट्रोल में लग गई है। घटना की रात्रि पुलिस ने बसंतपुर गांव में काफी धमाचौकड़ी की। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने कई घरों में तोड़-फोड़ भी की।
मारपीट की घटना के बाद बसंतपुर गांव संगीनों के साए में है। भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल को तैनात कर दिया गया है। गुरुवार को बसंतपुर गांव में जहां सपा नेता एक-एक कर पहुंचते रहे वहीं विसुंधरी में भाजपा नेताओं का आना-जाना पूरे दिन लगा रहा। दोनों ही दलों के प्रमुख नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से अलग-अलग मुलाकात की और अपना-अपना पक्ष रखते हुए दूसरे पक्ष पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बसंतपुर के ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस सख्ती दिखा रही है और ग्रामीणों को बेवजह परेशान कर रही है। गांव की महिलाओं ने पुलिस द्वारा घरों में की गई तोड़-फोड़ को भी दिखाया। वहीं बिसुंधरी के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस तत्काल सक्रिय होती तो यह घटना न होती।
मारपीट की घटना के बाद बसंतपुर गांव संगीनों के साए में है। भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल को तैनात कर दिया गया है। गुरुवार को बसंतपुर गांव में जहां सपा नेता एक-एक कर पहुंचते रहे वहीं विसुंधरी में भाजपा नेताओं का आना-जाना पूरे दिन लगा रहा। दोनों ही दलों के प्रमुख नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से अलग-अलग मुलाकात की और अपना-अपना पक्ष रखते हुए दूसरे पक्ष पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बसंतपुर के ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस सख्ती दिखा रही है और ग्रामीणों को बेवजह परेशान कर रही है। गांव की महिलाओं ने पुलिस द्वारा घरों में की गई तोड़-फोड़ को भी दिखाया। वहीं बिसुंधरी के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस तत्काल सक्रिय होती तो यह घटना न होती।
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