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सचिवालय में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:08 AM IST
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मुगलसराय। बिहार के पटना स्थित सचिवालय में नौकर दिलाने के नाम पर टीटीई से ठगी करने वाले युवक को कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को दिन लगभग बारह बजे रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया। पकड़े गए युवके पास से बिहार सरकार के फर्जी नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड, सिम व तीन मोबाईल बरामद हुए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपित को जेल भेज दिया।
नगर के सुभाष नगर निवासी टीटीई महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जनवरी माह में ट्रेन में ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात बिहार के बक्सर जिला स्थित नियाजीपुर गांव निवासी अंजनी कुमार पाठक से हुई थी। उस दौरान उसने उन्हें बताया था कि बिहार के सचिवालय में उसकी अच्छी पकड़ है और वहां वह किसी की भी नौकरी लगवाने में सक्षम है। पीड़ित के अनुसार उन्होंने में अपने पुत्र अंकित शर्मा की नौकरी लगावाने की बात कही तो उसने करीब छह लाख रुपये की मांग की। उसकी बात पर भरोसा करते हुए महेंद्र शर्मा ने सात बार में उसके खाते में पांच लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद युवक ने उन्हें बिहार सरकार द्वारा 27 फरवरी को जारी एक नियुक्ति पत्र सौंपा। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय में आईटी आफिसर पर स्थायी नियुक्ति बात लिखी होने के साथ 14 मार्च को शैक्षिण व अन्य दस्तावेजों की मूल प्रति के साथ सचिवालय में पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन जब पीड़ित अपने पुत्र के साथ वहां पहुंचे तो उन्हें कुछ संदेश हुआ। पटना से लौटने के बाद पड़ताल की तो मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। इसके बाद उन्होंने अंजनी कुमार पाठक के खिलाफ लिखित तहरीर मुगलसराय कोतवाली में दी। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस युवकी की खोजबीन में जुट गई। गुरुवार को दिन में पुलिस को सूचना मिली की युवक नगर के रेलवे स्टेशन के पास मौजूद है। जिसपर रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी राकेश सिंह ने जाल बिछाकर युवक को पकड़ लिया। इस संबंध मे सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि प कड़े युवक के खिलाफ दजर ़ मुकदमें के आधार पर गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया है।
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नगर के सुभाष नगर निवासी टीटीई महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जनवरी माह में ट्रेन में ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात बिहार के बक्सर जिला स्थित नियाजीपुर गांव निवासी अंजनी कुमार पाठक से हुई थी। उस दौरान उसने उन्हें बताया था कि बिहार के सचिवालय में उसकी अच्छी पकड़ है और वहां वह किसी की भी नौकरी लगवाने में सक्षम है। पीड़ित के अनुसार उन्होंने में अपने पुत्र अंकित शर्मा की नौकरी लगावाने की बात कही तो उसने करीब छह लाख रुपये की मांग की। उसकी बात पर भरोसा करते हुए महेंद्र शर्मा ने सात बार में उसके खाते में पांच लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद युवक ने उन्हें बिहार सरकार द्वारा 27 फरवरी को जारी एक नियुक्ति पत्र सौंपा। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय में आईटी आफिसर पर स्थायी नियुक्ति बात लिखी होने के साथ 14 मार्च को शैक्षिण व अन्य दस्तावेजों की मूल प्रति के साथ सचिवालय में पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन जब पीड़ित अपने पुत्र के साथ वहां पहुंचे तो उन्हें कुछ संदेश हुआ। पटना से लौटने के बाद पड़ताल की तो मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। इसके बाद उन्होंने अंजनी कुमार पाठक के खिलाफ लिखित तहरीर मुगलसराय कोतवाली में दी। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस युवकी की खोजबीन में जुट गई। गुरुवार को दिन में पुलिस को सूचना मिली की युवक नगर के रेलवे स्टेशन के पास मौजूद है। जिसपर रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी राकेश सिंह ने जाल बिछाकर युवक को पकड़ लिया। इस संबंध मे सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि प कड़े युवक के खिलाफ दजर ़ मुकदमें के आधार पर गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया है।
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