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डेढ करोड रुपये लागत की हिरोइन के साथ एक गिरफ्तार
Updated Thu, 15 Mar 2018 01:16 AM IST
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चंदौली। सदर कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार की देर शाम केशवपुर गांव के समीप से एक हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से डेढ़ किलो हेरोइन बरामद हुई है। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार मे एक करोड़ साठ लाख रुपये आंकी गई है। देर शाम सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने इसकी प्रेसवार्ता में जानकारी दी।
बुधवार को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली की एक तस्कर हेरोइन की सप्लाई करने बिहार की ओर जा रहा है। इसकी सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम सीओ सकलडीहा के नेतृत्व में कैली रोड के बिछिया गांव के समीप घेरेबंदी कर दी। इसी बीच केशवपुर गांव से एक व्यक्ति झोले में कुछ सामान लिए हुए आता हुआ दिखाई दिया। आते हुए व्यक्ति को पुलिस ने रोक लिया और पूछताछ की। जब झोले की तलाशी ली तो उसमें हेरोइन बरामद हुआ। पुलिस उसे कोतवाली लेकर आई और पूछताछ शुुरू कर दी। बरामद हेरोइन की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुयये आंकी गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम अजय है। वह केशवपुर गांव का निवासी है। लंबे समय से इस कार्य में लिप्त है। उसके निशानदेही पर पुलिस ने इस कार्य में लगे अन्य लोगों के यहां छापेमारी की लेकिन इसकी भनक लगते ही अन्य आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच की टीम में तेज बहादुर सिंह, राकेश यादव, विनय कुमार तिवारी और अश्विनी चतुर्वेदी शामिल रहे।
मुगलसराय। यूपी और बिहार के बार्डर पर नशीले पदार्थों का जोन बन चुका है। प्रतिदिन मादक पदार्थों की तस्करी सीमा के समीपवर्ती गांव में लंबे समय से चल रहा है। इस कारोबार में सफेदपोश भी लिप्त हैं। चंदौली जनपद के कुछ गांव भी तस्करी के लिए विख्यात हैं। पकड़ा गए तस्कर अजय के पिता भी इस गोरखधंधे में लंबे समय से हाथ चला रहे थे। पुलिस ने उसे अब तक 18 बार से अधिक जेल भेज चुका है। सूत्रों का कहना है कि हेरोइन तस्कर का कनेक्शन मुगलसराय के एक डीजे संचालक से भी जुड़ा हुआ है।
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स्थानीय स्टेेशन पर भी कई बार पुलिस या सुरक्षा तंत्र हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ चुकी है। मुुगलसराय स्टेशन एक तरह से हेरोइन तस्करों का केंद्र बिंदु हैं जहां से उतरकर सड़क मार्ग से जनपद के विभिन्न हिस्सों में आने काम को अंजाम देते हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अजय का पिता मुन्ना हेरोइन तस्करी का खिलाड़ी रहा है। सदर पुलिस के हत्थे वह 18 बार चढ़ चुका है। वहीं शहाबगंज और बलुुआ पुलिस एक-एक बार जेल भेज चुकी है। केशवपुर निवासी अजय पिता के रास्ते पर चलते हुए हेराइन तस्करी का धंधा अपना लिया। बुधवार को वह डेढ़ किलो हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहा था। लेकिन मुखबीर की सटीक सूचना पर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। इसके पहले 2007 में इरशाद नामक तस्कर को भी कोतवाली पुलिस जेल भेज चुकी है।
बुधवार को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली की एक तस्कर हेरोइन की सप्लाई करने बिहार की ओर जा रहा है। इसकी सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम सीओ सकलडीहा के नेतृत्व में कैली रोड के बिछिया गांव के समीप घेरेबंदी कर दी। इसी बीच केशवपुर गांव से एक व्यक्ति झोले में कुछ सामान लिए हुए आता हुआ दिखाई दिया। आते हुए व्यक्ति को पुलिस ने रोक लिया और पूछताछ की। जब झोले की तलाशी ली तो उसमें हेरोइन बरामद हुआ। पुलिस उसे कोतवाली लेकर आई और पूछताछ शुुरू कर दी। बरामद हेरोइन की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुयये आंकी गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम अजय है। वह केशवपुर गांव का निवासी है। लंबे समय से इस कार्य में लिप्त है। उसके निशानदेही पर पुलिस ने इस कार्य में लगे अन्य लोगों के यहां छापेमारी की लेकिन इसकी भनक लगते ही अन्य आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच की टीम में तेज बहादुर सिंह, राकेश यादव, विनय कुमार तिवारी और अश्विनी चतुर्वेदी शामिल रहे।
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मुगलसराय। यूपी और बिहार के बार्डर पर नशीले पदार्थों का जोन बन चुका है। प्रतिदिन मादक पदार्थों की तस्करी सीमा के समीपवर्ती गांव में लंबे समय से चल रहा है। इस कारोबार में सफेदपोश भी लिप्त हैं। चंदौली जनपद के कुछ गांव भी तस्करी के लिए विख्यात हैं। पकड़ा गए तस्कर अजय के पिता भी इस गोरखधंधे में लंबे समय से हाथ चला रहे थे। पुलिस ने उसे अब तक 18 बार से अधिक जेल भेज चुका है। सूत्रों का कहना है कि हेरोइन तस्कर का कनेक्शन मुगलसराय के एक डीजे संचालक से भी जुड़ा हुआ है।
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स्थानीय स्टेेशन पर भी कई बार पुलिस या सुरक्षा तंत्र हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ चुकी है। मुुगलसराय स्टेशन एक तरह से हेरोइन तस्करों का केंद्र बिंदु हैं जहां से उतरकर सड़क मार्ग से जनपद के विभिन्न हिस्सों में आने काम को अंजाम देते हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अजय का पिता मुन्ना हेरोइन तस्करी का खिलाड़ी रहा है। सदर पुलिस के हत्थे वह 18 बार चढ़ चुका है। वहीं शहाबगंज और बलुुआ पुलिस एक-एक बार जेल भेज चुकी है। केशवपुर निवासी अजय पिता के रास्ते पर चलते हुए हेराइन तस्करी का धंधा अपना लिया। बुधवार को वह डेढ़ किलो हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहा था। लेकिन मुखबीर की सटीक सूचना पर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। इसके पहले 2007 में इरशाद नामक तस्कर को भी कोतवाली पुलिस जेल भेज चुकी है।