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छह दिन बाद भी वनकर्मी का पता लगाने में पुलिस नाकाम
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:06 AM IST
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नौगढ़। काशी वन जीव प्रभाग रामनगर के जय मोहनी रेंज में कार्यरत दूधनाथ यादव के लापता होने के छह दिन बाद भी पुलिस और वन विभाग के अधिकारी पता करने में नाकाम रहे हैं। नौगढ़ के जंगलों में उसकी तलाश जारी है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामला पैसे के लेने का बताया जा रहा है।
एक सितंबर से वनकर्मी दूधनाथ जंगल से गायब है। जंगल में वनकर्मी की मिली बाइक और कपड़े के आधार पर छानबीन कर रही पुलिस को वनवासियों ने बताया कि तीन और चार सितंबर को वहीं पैंट शर्ट पहन कर घूमते हुए देखा गया था। पुलिस की तफ्तीश में यह भी बात सामने आई है कि वह जिस दिन लापता हुआ उस दिन शराब की दुकान पर भी गया था। साथ ही मधुपुर मार्केट में एक कपड़े की दुकान दार के यहां कपड़ा खरीदने की भी बात सामने आ रही है। सीओ नक्सल नौगढ़ नीरज सिंह ने बताया कि लगातार वन क्षेत्रों मैं कांबिंग की जा रही है और गोपनीय तरीके से उसका पता लगाया जा रहा है। परिवार के लोग भी संपर्क में हैं। उसके मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर वन विभाग के वन कर्मियों का भी बयान लिया गया है।
गौरतलब है कि 31 अगस्त को दूधनाथ वन क्षेत्राधिकारी कुंज मोहन वर्मा से छुट्टी लेकर अपने घर बट गया था। दो सितंबर को जब वह नहीं आया और उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला तो वन क्षेत्राधिकारी ने उसके घर के मोबाइल पर कॉल किया तो घरवालों ने बताया पिताजी एक सितंबर को ही यहां से चले गए। जिसके बाद अपहरण होने की चर्चा के बाद वन विभाग 2 दिन तक लगातार जंगलों में खोजबीन कियरा। जब कुछ पता नहीं चल सका तो नौगढ़ थाने में तहरीर दी। घटना की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर मनोज खरे के अलावा प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कानपुर एसके अवस्थी को भी दे दी गई है।
एक सितंबर से वनकर्मी दूधनाथ जंगल से गायब है। जंगल में वनकर्मी की मिली बाइक और कपड़े के आधार पर छानबीन कर रही पुलिस को वनवासियों ने बताया कि तीन और चार सितंबर को वहीं पैंट शर्ट पहन कर घूमते हुए देखा गया था। पुलिस की तफ्तीश में यह भी बात सामने आई है कि वह जिस दिन लापता हुआ उस दिन शराब की दुकान पर भी गया था। साथ ही मधुपुर मार्केट में एक कपड़े की दुकान दार के यहां कपड़ा खरीदने की भी बात सामने आ रही है। सीओ नक्सल नौगढ़ नीरज सिंह ने बताया कि लगातार वन क्षेत्रों मैं कांबिंग की जा रही है और गोपनीय तरीके से उसका पता लगाया जा रहा है। परिवार के लोग भी संपर्क में हैं। उसके मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर वन विभाग के वन कर्मियों का भी बयान लिया गया है।
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गौरतलब है कि 31 अगस्त को दूधनाथ वन क्षेत्राधिकारी कुंज मोहन वर्मा से छुट्टी लेकर अपने घर बट गया था। दो सितंबर को जब वह नहीं आया और उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला तो वन क्षेत्राधिकारी ने उसके घर के मोबाइल पर कॉल किया तो घरवालों ने बताया पिताजी एक सितंबर को ही यहां से चले गए। जिसके बाद अपहरण होने की चर्चा के बाद वन विभाग 2 दिन तक लगातार जंगलों में खोजबीन कियरा। जब कुछ पता नहीं चल सका तो नौगढ़ थाने में तहरीर दी। घटना की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर मनोज खरे के अलावा प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कानपुर एसके अवस्थी को भी दे दी गई है।
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