चहनियां। गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है। पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट की सीढ़ियां डूबने लगी है। वहीं तेजी से जलस्तर में बढोत्तरी से गंगा के तटवर्ती इलाकेें में दहशत का माहौल है। तटवर्ती इलाके के लोगों की माने तो यदि पानी बढ़ने की यही रफ्तार रही तो इलाके के लोगों को बाढ़ की समस्या झेलनी होगी।
पिछले दो दिन में प्रतिदिन दो से तीन मीटर तक जल स्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। स्थिति यह है कि दस दिन में गंगा का जल स्तर पांच से सात मीटर तक बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की रात भी लगभग 12 फीट तक गंगा का जल स्तर बढ़ा है। जिले में गंगा में खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। वर्तमान में जल स्तर खतरे के निशान से बहुत नीचे हैं लेकिन जिस हिसाब से जल स्तर में बढोत्तरी हो रही है। उससे दो चार दिनों में गंगा खतरे के निशान तक पहुंच जाएगी। जलस्तर में वृद्धि होने से गंगा के तटवर्ती इलाकों महुआरिया, डेरवा, महुअर, पुरा विजयी, पुरा गणेश, टांडा, सरौली, महमदपुर, भूसौला, नादि निधौरा आदि गांवों में बाढ़ का भय सताने लगा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गंगा कटान की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बाढ़ आने पर प्रति वर्ष उपजाऊ भूमि गंगा में समा जाती है।