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UP: मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव पर कांग्रेस का तंज, अरुण बोले- काम के संवैधानिक अधिकार पर हमला; जताई नाराजगी

Thu, 08 Jan 2026 07:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 08 Jan 2026 07:45 PM IST
सार

Chandauli News: मनरेगा को लेकर चंदाैली के जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर तंज किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब इसे रेवड़ी की तरह बना देगी। प्रस्तावित बदलाव मजदूरों के संवैधानिक अधिकार पर हमला है।

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Congress criticizes proposed changes to MNREGA Arun attack on constitutional right to work displeasure
कार्यालय पर पत्रकारवार्ता के दाैरान कांग्रेस नेता। - फोटो : संवाद

विस्तार

मनरेगा के तहत देशभर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। देश की किसी भी ग्राम पंचायत में किसी भी परिवार द्वारा काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य रहा, जबकि मोदी सरकार ने बदलावों के बाद काम अब यह अधिकार नहीं रहेगा। अब यह सरकार की मर्जी से बांटी जाने वाली एक रेवड़ी बन जाएगा। 

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ये बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कांग्रेस कार्यालय चंद्रा त्रिपाठी भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। जिलाध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव को काम के संवैधानिक अधिकार पर हमला बताया। मनरेगा के तहत काम तय न्यूनतम मजदूरी पर दिया जाता था। इसमें हर साल बढ़ोतरी की जाती थी। 

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मनरेगा का बताया इतिहास

साल के 365 दिन काम उपलब्ध रहता था ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार के पास कमाई का विकल्प हमेशा मौजूद रहे, लेकिन अब मोदी सरकार ने इन बदलाव के तहत मजदूरी मनमानी ढंग से तय की जाएगी ना तो न्यूनतम मजदूरी कोई गारंटी होगी और नहीं हर साल बढ़ोतरी की कोई गारंटी फसल कटाई के मौसम में काम की अनुमति नहीं होगी। 

इससे मजदूरों का मजदूर की अन्य काम देने वालों से बेहतर मजदूरी की मांग करने की ताकत कमजोर होगी उन्हें बिना न्यूनतम मजदूरी के जो भी काम मिलेगा स्वीकार करने को मजबूर किया जाएगा। कहा कि मनरेगा के बदले नई योजना से ग्राम पंचायत अपना अधिकार खो देगी केवल मोदी सरकार के आदेशों को लागू करने वाली एजेंसियां बनकर रह जाएंगे। 

भाजपा पर किया तंज

ठेकेदारों को लाया जाएगा और मजदूरों को ठेकेदारों की परियोजना की लेबर सप्लाई में बदल दिया जाएगा स्थानीय कार्यों के लिए मनरेगा मेट्स नहीं होंगे। कहा कि उच्च महंगाई के बावजूद पिछले 3 वर्ष से मनरेगा के बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और इससे साफ यह स्पष्ट होता है कि नरेंद्र मोदी जी की सरकार मनरेगा में सिर्फ महात्मा गांधी जी का नाम नहीं बदल रहे हैं बल्कि मनरेगा को समाप्त करने की एक सूची समझी रणनीति के तहत कार्य किया गया है। 

कहा कि इसके विरोध में 12 जनवरी को पं. कमलापति त्रिपाठी पार्क में एक दिन का उपवास रखा जाएगा। शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने कहा कि मनरेगा में बदलाव करने से बेरोजगारी में वृद्धि होगी, न्यूनतम मजदूरी दिए बिना लोगों का श्रम के लिए शोषण होगा और शहरों की ओर मजबूरी में होने वाले पलायन में वृद्धि होगी। इस दौरान गंगा प्रसाद, तौफीक खान, शिवेंद्र मिश्रा, राकेश सिंह, मनोज सिंह, पंकज तिवारी, पिंटू विश्वकर्मा, राम आधार यादव आदि उपस्थित रहे।

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