फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Compensation not received and notice to vacate land

मुआवजा मिला नहीं और जमीन खाली करने की मिल गई नोटिस

Tue, 24 Aug 2021 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
Compensation not received and notice to vacate land
मुआवजा मिला नहीं और जमीन खाली करने की मिल गई नोटिस
विज्ञापन

- दस साल पहले अधिग्रहित की गई थी जमीन, दूसरे को मिल गया था मुआवजा
- दो एसडीएम अपनी जांच में गलत व्यक्ति को मुआवजा मिलने की कर चुके हैं पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। करीब दस साल पहले सदर तहसील क्षेत्र के नौबतपुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण होना तय हुआ तो क्षेत्र के कई किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई। जिनकी जमीन ली गई उन्हें मुआवजा दिया गया, लेकिन कुछ लोगों को मुआवजा न देकर पड़ोसियों को या अन्य लोगों को मुआवजा दे दिया गया। तब से अब तक एनएचआई से लेकर तहसील तक का चक्कर काट रहे पीड़ितों को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। अब तो एनएचआई ने अधिग्रहित जमीन को खाली करने के लिए किसानों को नोटिस भी थमा दिया है। मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के मामले की पुष्टि पूर्व में यहां तैनात रहे दो उप जिलाधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में भी किया है।
पीड़ितों के अनुसार, वर्ष 2011 में राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा कर छह लेन करने की कवायद के तहत नौबतपुर के बिरैली मौजा में जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें एक परिवार की सुनीता जायसवाल व सरोज जायसवाल की जमीन अधिग्रहित की गई। आरोप है कि उनके हिस्से का मुआवजा दूसरे को दे दिया गया। उन्हें आधे से भी कम मुआवजा देकर टरकाने की कोशिश की जाती रही। ऐसे में भू-स्वामियों ने पैसा लेने से इन्कार कर दिया। मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा तो तत्कालीन सदर एसडीएम हीरालाल व बाद में विजयनारायण सिंह ने मौके पर जाकर जांच की। दोनों अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में गलत ढंग से मुआवजा वितरण की पुष्टि की। वहीं इसमें संलिप्त कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व गलत ढंग से मुआवजा लेने वाले भू-स्वामी से रिकवरी के लिए भी कहा। पीड़ित बताते हैं कि मुआवजा अब तक नहीं मिला है। प्रशासन कमियों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। दोनों एसडीएम ने अपनी जांच में गड़बड़ी की पुष्टि की। इसके बावजूद अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।
विज्ञापन

------------------
वर्जन--
पीड़ित पक्ष यथा शीघ्र संपूर्ण मामले को जिलाधिकारी कार्यालय में या एडीएम कार्यालय में साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करे। मामले को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अजितेंद्र नारायण पांडेय, प्रभारी डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed