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Chandauli News: बाल यीशु के शांति जुलूस में मसीही समाज के लोगों ने की प्रार्थना
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पीडीडीयू नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित चर्च में ईसी मसीह के प्रतिमा के पास कैंडल जलाते समुदाय क
पीडीडीयू नगर। नगर के यूरोपियन कॉलोनी स्थित कैथोलिक चर्च परिसर से रविवार को वार्षिक उत्सव में देश के कोने-कोने से मसीही समुदाय के लोग शामिल हुए। हालांकि सुरक्षा कारणों से पूर्व की भांति शांति जुलूस नहीं निकाला गया। चर्च परिसर में ही बाल यीशु की प्रतिमा को भ्रमण कराया गया। इस दौरान शांति प्रार्थना हुई। वहीं लोगों ने कैंडल जलाकर प्रार्थना की और कैरोल गीत गुनगुनाए।
यूरोपियन कॉलोनी स्थित बाल यीशु तीर्थ पूरे देश के तीन तीर्थों में एक है। वर्ष 1835 में बना कैथोलिक चर्च की तर्ज पर नासिक और बंगलुरू में ही बाल यीशु चर्च है। यही कारण है कि इस चर्च का महत्व पूरे देश में है। यहां से शोभायात्रा निकलने की कहानी भी दिलचस्प है। मसीही समुदाय के लिए दिसंबर का महीना महत्वपूर्ण होता है। बाल यीशु तीर्थ के फादर स्टैनले डिसूजा 35 वर्ष पहले नासिक में निकले वाले बाल यीशु के महापर्व तीर्थ यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
वहां पहुंची संत मदर टेरेसा ने फादर स्टेनले डिसूजा को मसीही धर्म के प्रचार प्रसार के लिए वाराणसी में भी इस तरह के जुलूस निकालने को कहा। इसके बाद फादर ने 35 वर्ष पहले तीर्थ महापर्व पर जुलूस निकालने की शुरुआत की। यहां आकर शोभायात्रा में शामिल होने वालों को असीम शांति का अनुभव हुआ। प्रति वर्ष यहां शामिल होने वालों की भीड़ बढ़ने लगी। यहां तक कि वर्ष 2004 में बाल यीशु के शोभायात्रा में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा भी शामिल हो चुके हैं। इस वर्ष चार दिवसीय पर्व की शुरुआत 28 नवंबर से शुरू हुई। प्रतिदिन सुबह नौ बजे से रात आठ बजे करिश्माई चंगाई प्रार्थना हुई। रविवार को सुबह से ही शोभायात्रा की तैयारी शुरू हो गई। सुबह करिश्माई चंगाई प्रार्थना के बाद दोपहर एक बजे शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चर्च परिसर में ही निकाली गई। सबसे आगे चर्च के फादर विपिन विजय शांतिराज धर्म चिह्न लेकर चल रहे थे। इस मौके पर फादर विपिन व तमाम मसीही समाज के लोग मौजूद रहे।
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इनसेट--
मेले में खूब हुई खरीदारी
पीडीडीयू नगर। नगर के यूरोपियन कॉलोनी स्थित चर्च में वार्षिक शांति जुलूस के दौरान रविवार को सुबह से ही चर्च के बाहर मेला लता था। इस दौरान लोगों ने खूब खरीदारी की और व्यंजन का आनंद लिया। हालांकि झूला और मिक्की माउस बैलून न लगने से बच्चे निराश दिखे। संवाद
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यूरोपियन कॉलोनी स्थित बाल यीशु तीर्थ पूरे देश के तीन तीर्थों में एक है। वर्ष 1835 में बना कैथोलिक चर्च की तर्ज पर नासिक और बंगलुरू में ही बाल यीशु चर्च है। यही कारण है कि इस चर्च का महत्व पूरे देश में है। यहां से शोभायात्रा निकलने की कहानी भी दिलचस्प है। मसीही समुदाय के लिए दिसंबर का महीना महत्वपूर्ण होता है। बाल यीशु तीर्थ के फादर स्टैनले डिसूजा 35 वर्ष पहले नासिक में निकले वाले बाल यीशु के महापर्व तीर्थ यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
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वहां पहुंची संत मदर टेरेसा ने फादर स्टेनले डिसूजा को मसीही धर्म के प्रचार प्रसार के लिए वाराणसी में भी इस तरह के जुलूस निकालने को कहा। इसके बाद फादर ने 35 वर्ष पहले तीर्थ महापर्व पर जुलूस निकालने की शुरुआत की। यहां आकर शोभायात्रा में शामिल होने वालों को असीम शांति का अनुभव हुआ। प्रति वर्ष यहां शामिल होने वालों की भीड़ बढ़ने लगी। यहां तक कि वर्ष 2004 में बाल यीशु के शोभायात्रा में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा भी शामिल हो चुके हैं। इस वर्ष चार दिवसीय पर्व की शुरुआत 28 नवंबर से शुरू हुई। प्रतिदिन सुबह नौ बजे से रात आठ बजे करिश्माई चंगाई प्रार्थना हुई। रविवार को सुबह से ही शोभायात्रा की तैयारी शुरू हो गई। सुबह करिश्माई चंगाई प्रार्थना के बाद दोपहर एक बजे शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चर्च परिसर में ही निकाली गई। सबसे आगे चर्च के फादर विपिन विजय शांतिराज धर्म चिह्न लेकर चल रहे थे। इस मौके पर फादर विपिन व तमाम मसीही समाज के लोग मौजूद रहे।
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मेले में खूब हुई खरीदारी
पीडीडीयू नगर। नगर के यूरोपियन कॉलोनी स्थित चर्च में वार्षिक शांति जुलूस के दौरान रविवार को सुबह से ही चर्च के बाहर मेला लता था। इस दौरान लोगों ने खूब खरीदारी की और व्यंजन का आनंद लिया। हालांकि झूला और मिक्की माउस बैलून न लगने से बच्चे निराश दिखे। संवाद

पीडीडीयू नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित चर्च में ईसी मसीह के प्रतिमा के पास कैंडल जलाते समुदाय क