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सड़क पर फैला बॉयो मेडिकल वेस्ट बांट रहा है संक्रामक रोग

Fri, 13 Dec 2019 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 12:48 AM IST
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पीडीडीयू नगर। जिले में हर वर्ष निजी चिकित्सालय व जांच केंद्रों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है, इसके चलते यहां से निकलने वाला बॉयो मेडिकल वेस्ट भी काफी बढ़ गया है। वेस्ट के निस्तारण के सही इंतजाम नहीं होने से शहर में इस तरह के कूड़े के भरमार हो गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी ओर से आंखे मूंदे हुए है। बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण अस्पतालों ओर से नहीं किए जाने के चलते इससे होने वाले संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग भी बेपरवाहों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।
जिले में 645 सरकारी, निजी अस्पताल, जांच घर संचालित हैं। यहां से हर रोजाना तकरीबन पांच टन बॉयो मेडिकल वेस्ट निकलता है। जिसमें इस्तेमाल हुई सुई, खून व मवाज से भरी रूई, पट्टी, इस्तेमाल हो चुकी दवाईयों के पैकेट आदि शामिल है। सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बॉयो मेेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए ठेके पर व्यवस्था की गई है लेकिन प्राईवेट अस्पताल कुछ नहीं कर रहे हैं। निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों से निकलने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट को सड़क किनारे फेंक दिया जाता है। हालांकि कुछ अस्पतालों में बॉयो मेडिकल वेस्ट डालने के लिए अलग- अलग कूड़ेदान रखे हुए हैं लेकिन लापरवाह अस्पताल प्रबंधन इसके निवारण की उचित व्यवस्था करने के बजाय सड़क पर ही फेंक दे रहे हैं।
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इनसेट
जिले में संचालित हैं सरकारी-निजी अस्पपता एवं जांच घर
जिलेभर में दो जिला चिकित्सालय हैं। जिसमें एक चंदौली में व दूसरा चकिया में स्थित है। वहीं चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 23 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 आयुर्वेदिक अस्पताल, 20 होमियोपैथिक अस्पताल, 248 उप स्वास्थ्य केंद्र दो अर्बन हेल्थ सेंटर समेत 275 प्राइवेट अस्पताल व 88 जांच केंद्र मौजूद है।
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फैलती है संक्रामक बीमारी
बायो मेडिकल वेस्ट से कई तरह की संक्रामक बीमारियां फैलती है। इसमें एचआईवी पीड़ित मरीज की सुई या अन्य बीमारी में इस्तेमाल हुई सुई किसी व्यक्ति को चुभ गई तो वह गंभीर बीमारी से पीड़ित हो सकता है। इसके अलावा टीबी, श्वांस, दमा, पेट, फेफड़ा से संबंधित बीमारी फैल सकती है।

कोट..
सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था की गई है, वहीं गैर सरकारी अस्पतालों में भी इसकी व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिया गया। जहां यह व्यवस्था नहीं होगी वैसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. आरके मिश्र, सीएमओ
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