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भारतीय शांति सैनिक बनकर लेबनान गए चंदौली के जवान देवीदयाल
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पीडीडीयू नगर। चंदौली के जवान देवीदयाल यादव को केंद्र सरकार ने यूएन शांति मिशन के लिए चुना है। वह भारतीय सेना के पांच सौ जवानों के साथ बृहस्पतिवार को लेबनान रवाना हो गए। उनके चयन से परिवार व गांव में खुशी की लहर है।
नियामताबाद विकासखंड के छोटूसराय गांव निवासी और पूर्व सैनिक राम अयोध्या यादव के पुत्र देवीदयाल यादव 2012 में सेना में भर्ती हुए। लगन, मेहनत और अनुशासन की वजह से उन्हें शांति मिशन के लिए चयनित कर लिया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के अभियानों के तहत शांति व्यवस्था कायम करने के लिए शांति सैनिक दूसरे देश भेजे जाते हैं। शांति सेना के सैनिकों को आम जनता के साथ बहुत ही नरमी से पेश आना होता है, जिससे सैकड़ों जवानों में उस सैनिक का चुनाव होता है, जो हर विपरीत परिस्थितियों में अपने को शांत रखने में सफल रहता है।
अमर उजाला से बातचीत में देवीदयाल ने कहा कि सरकार ने मुझे इस मिशन के लिए योग्य समझा इसके लिए मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। यह सेवा का अलग रूप है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लेबनान में शांति है, लेकिन 500 जवानों को शांति मिशन के लिए पहली बार में भेजा गया है। आगे 400 जवान और जा सकते हैं। पूरे एक वर्ष तक वहां रहना होगा।
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पीडीडीयू नगर। यूएन शांति मिशन के लिए चयनित जवान देवीदयाल का परिवार तीन पीढ़ियों से देश की सेवा में समर्पित है। उनके दादा रामराज यादव सेना में वर्षों की सेवा के बाद वर्ष 1990 में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके बाद बेटे रामउग्रह यादव और राम अयोध्या यादव भी सेना में रहे। रामराज यादव ने बताया कि हमें गर्व है कि हमारा पूरा परिवार देश सेवा के लिए समर्पित है।
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नियामताबाद विकासखंड के छोटूसराय गांव निवासी और पूर्व सैनिक राम अयोध्या यादव के पुत्र देवीदयाल यादव 2012 में सेना में भर्ती हुए। लगन, मेहनत और अनुशासन की वजह से उन्हें शांति मिशन के लिए चयनित कर लिया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के अभियानों के तहत शांति व्यवस्था कायम करने के लिए शांति सैनिक दूसरे देश भेजे जाते हैं। शांति सेना के सैनिकों को आम जनता के साथ बहुत ही नरमी से पेश आना होता है, जिससे सैकड़ों जवानों में उस सैनिक का चुनाव होता है, जो हर विपरीत परिस्थितियों में अपने को शांत रखने में सफल रहता है।
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अमर उजाला से बातचीत में देवीदयाल ने कहा कि सरकार ने मुझे इस मिशन के लिए योग्य समझा इसके लिए मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। यह सेवा का अलग रूप है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लेबनान में शांति है, लेकिन 500 जवानों को शांति मिशन के लिए पहली बार में भेजा गया है। आगे 400 जवान और जा सकते हैं। पूरे एक वर्ष तक वहां रहना होगा।
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पीडीडीयू नगर। यूएन शांति मिशन के लिए चयनित जवान देवीदयाल का परिवार तीन पीढ़ियों से देश की सेवा में समर्पित है। उनके दादा रामराज यादव सेना में वर्षों की सेवा के बाद वर्ष 1990 में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके बाद बेटे रामउग्रह यादव और राम अयोध्या यादव भी सेना में रहे। रामराज यादव ने बताया कि हमें गर्व है कि हमारा पूरा परिवार देश सेवा के लिए समर्पित है।