फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   chandauli news

एसटीपी के लिए रेलवे से फिर जमीन का लेने का प्रयास शुरू

Thu, 09 Jan 2020 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
chandauli news
पीडीडीयू नगर। नगर में खुले नाले में बह रहे सीवर और गंगा में गिर में रहे नालों को रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण के लिए आरपीएफ कालोनी के समीप रेलवे की जमीन को लेने की फिर से तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जमीन के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक की। बता दें पहले भी रेलवे की जमीन लेने के काफी प्रयास हुए थे लेकिन तब रेलवे ने जमीन की कीमत मांगी थी इसके चलते नगर पालिका प्रशासन ने काफी कीमत चुकाने में असमर्थता जताई थी और मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
विज्ञापन

बुधवार को गंगा प्रदूषण नियंत्रण के इकाई के महाप्रबंधक सतीश कुमार राय, प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बर्मन एवं सहायक अभियंता योगेश त्रिपाठी और रेलवे के मंडलीय अभियंता हेडक्वार्टर विवेकानंद भारती के साथ बैठक हुई। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि रेलवे की ओर से जमीन देने के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं। रेलवे की डेढ़ हेक्टेयर में तकरीबन 50 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाना है। इसके लिए 15 दिन में एसटीपी का ले आउट रेलवे को मुहैया करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि दो से तीन महीने में जमीन मिल जाएगी। वहीं डीईएन हेडक्वार्टर विवेकानंद भारती ने कहा कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों के साथ जमीन देने के लिए मंथन हुआ है। बैठक में लिए गए वार्ता तक को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन

रौना में भी जमीन की हुई थी पैमाइश
पीडीडीयू नगर। एसटीपी के लिए पिछले साल रेलवे के जमीन देने से इंकार करने के बाद नगर पालिका, राजस्व विभाग और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने चहनिया ब्लाक के रौना गांव में जमीन तलाश ली गई थी और उसकी पैमाइश भी हो चुकी थी। लेकिन जब रेलवे की जमीन लेने की तैयारी शुरू हो गई तो वहां किसानों मे मायूसी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोजाना 32 एमएलडी सीवेज निकलता है
नगर क्षेत्र और रेलवे से रोजाना नगर में तकरीबन 32 एमएलडी सीवेज निकलता है। जो गंगा में रौना गांव के पास गिरता है। इससे गंगा निर्मलीकरण अभियान को भी झटका लग रह है। एसटीपी बन जाने से जहां खुले में बह रहे सीवेज से मुक्ति मिलेगी वहां गंगा को भी साफ सुथरा बनाने में सार्थक कदम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed