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बेफिक्र प्रशासन के पास जर्जर भवनों की सूची तक नहीं
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पीडीडीयू नगर। जिले में हो रही लगातार बारिश से मकानों के ढहने का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरुवार को मकान ढहने से इलिया में एक महिला की मौत भी हो गई। इसके अलावा कई चहनिया और नियामताबाद में कई मकान ढह गए मगर जिला प्रशासन के पास जर्जर भवनों की सूची तक नहीं है। खासकर नगर पालिका पीडीडीयू नगर और नगर पंचायतों ने अब तक ऐसे जर्जर भवनों का सर्वे तक नहीं कराया है न तो पता है कि कितने जर्जर भवन है। ऐसे में नगरीय क्षेत्र में जर्जर मकान ढहे तो बड़े हादसे हो सकते हैं।
पीडीडीयू नगर में करीब 16 हजार भवनों की संख्या है। नगर के कई वार्डों में खंडहर और जर्जर भवन भी हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ऐसे भवनों पर नजर नहीं है। नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन ने अब तक जर्जर भवनों का कोई सर्वे नहीं कराया है। यही हाल चकिया नगर पंचायत में हैं। वहां भी जर्जर भवनों की सूची अब तक तैयार नहीं है। ईओ अशोक मिश्र का कहना है कि जर्जर भवनों की सूची अभी तैयार नहीं है। वहां सर्वे कराया जा जा रहा है ताकि पता चल सके कि कितने ऐसे भवन हैं जो बारिश में ढहने के कगार पर हैं। इसी तरह सैयदराजा नगर पंचायत में भी जर्जर भवनों का कोई लेखा-जोखा नहीं है। ईओ अंशुमान सिंह का कहना है कि सर्वे नहीं कराया गया है। यहां अब तक कोई ऐसा मकान सामने नहीं आया है। चंदौली नगर पंचायत में भी अधिकारियों की लापरवाही से अब तक सर्वे का काम नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वहां तकरीबन 50 ऐसे जर्जर भवन हैं लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की सूची में एक भी जर्जर भवन दर्ज नहीं है।
पीडीडीयू नगर/धीना। बारिश से कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। धीना थाना क्षेत्र के सिरकल पुर गांव में रिमझिम बारिश से अनुपमा देवी का कच्चा मकान शुक्रवार की सुबह पांच बजे भरभरा कर गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि उस समय अनुपमा घर के बाहर पशुओं को चारा डालने के लिए बाहर थी। मकान गिरने की आवाजा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। संयोग अच्चा रहा कि बगल के घर में सो रहे बच्चे हर्षिता (10) , मान्या (9) सुरक्षित बच गए। तेज आवाज सुनकर बच्चों की भी नीद खुल गई। लोगों ने बच्चों को आवाज देकर बाहर निकाला। मकान ढहने से अनुपमा के गृहस्थी का सामान नष्ट होगा ।
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इसी तरह विकासखंड सकलडीहा के बसनी गांव में बरसात के कारण कई लोगों के घर धराशाई हो गए। उसमें रखे घर गृहस्थी के हजारों मूल्य के सामान भी दबकर नष्ट हो गया। क्षेत्र के बसनी गांव निवासी जीतलाल राम, भगवान दास, अभिषेक राम, महेंद्र कुमार का कच्चा घर गिरकर धराशाई हो गया। घर में रखी चारपाई, बिस्तर, अनाज, बर्तन सहित हजारों मूल्य के घर गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है। ग्राम प्रधान श्याम बिहारी ने बताया कि लेखपाल को बार-बार फोन मिलाया जा रहा है लेकिन फोन नहीं उठ रहा है।
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पीडीडीयू नगर में करीब 16 हजार भवनों की संख्या है। नगर के कई वार्डों में खंडहर और जर्जर भवन भी हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ऐसे भवनों पर नजर नहीं है। नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन ने अब तक जर्जर भवनों का कोई सर्वे नहीं कराया है। यही हाल चकिया नगर पंचायत में हैं। वहां भी जर्जर भवनों की सूची अब तक तैयार नहीं है। ईओ अशोक मिश्र का कहना है कि जर्जर भवनों की सूची अभी तैयार नहीं है। वहां सर्वे कराया जा जा रहा है ताकि पता चल सके कि कितने ऐसे भवन हैं जो बारिश में ढहने के कगार पर हैं। इसी तरह सैयदराजा नगर पंचायत में भी जर्जर भवनों का कोई लेखा-जोखा नहीं है। ईओ अंशुमान सिंह का कहना है कि सर्वे नहीं कराया गया है। यहां अब तक कोई ऐसा मकान सामने नहीं आया है। चंदौली नगर पंचायत में भी अधिकारियों की लापरवाही से अब तक सर्वे का काम नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वहां तकरीबन 50 ऐसे जर्जर भवन हैं लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की सूची में एक भी जर्जर भवन दर्ज नहीं है।
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पीडीडीयू नगर/धीना। बारिश से कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। धीना थाना क्षेत्र के सिरकल पुर गांव में रिमझिम बारिश से अनुपमा देवी का कच्चा मकान शुक्रवार की सुबह पांच बजे भरभरा कर गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि उस समय अनुपमा घर के बाहर पशुओं को चारा डालने के लिए बाहर थी। मकान गिरने की आवाजा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। संयोग अच्चा रहा कि बगल के घर में सो रहे बच्चे हर्षिता (10) , मान्या (9) सुरक्षित बच गए। तेज आवाज सुनकर बच्चों की भी नीद खुल गई। लोगों ने बच्चों को आवाज देकर बाहर निकाला। मकान ढहने से अनुपमा के गृहस्थी का सामान नष्ट होगा ।
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इसी तरह विकासखंड सकलडीहा के बसनी गांव में बरसात के कारण कई लोगों के घर धराशाई हो गए। उसमें रखे घर गृहस्थी के हजारों मूल्य के सामान भी दबकर नष्ट हो गया। क्षेत्र के बसनी गांव निवासी जीतलाल राम, भगवान दास, अभिषेक राम, महेंद्र कुमार का कच्चा घर गिरकर धराशाई हो गया। घर में रखी चारपाई, बिस्तर, अनाज, बर्तन सहित हजारों मूल्य के घर गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है। ग्राम प्रधान श्याम बिहारी ने बताया कि लेखपाल को बार-बार फोन मिलाया जा रहा है लेकिन फोन नहीं उठ रहा है।