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नहर का तटबंध टूटा
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2015 01:40 AM IST
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जल्द ही समस्या समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बलुआ पंप कैनाल से निकली कैथी माइनर का पक्का तटबंध धान के पीक सीजन में टूटने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को टूटी माइनर के समीप खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप था कि माइनर के निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरती गई। इसके चलते निर्माण के कुछ ही दिनों के अंदर तटबंध टूट गया।
इससे धान के पीक सीजन में सिंचाई के अभाव में किसानों को फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। चेताया कि यदि अविलंब तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
एक वर्ष पूर्व बलुआ पंप कैनाल की क्षमता बढ़ाई गई और कैथी माइनर के तटबंध का पक्कीकरण का कार्य कराया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध के निर्माण में ठेकेदार द्वारा घोर अनियमितता बरती गई इसकी वजह से निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही माइनर का तटबंध टूट गया।
कहा कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने की शिकायत ग्रामीणों ने उसी समय जिलाधिकारी से की थी। कहा कि माइनर टूट जाने के चलते किसानों की खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है।
इससे किसानों के सामने एक बार पुन: रोजीरोटी का संकट खड़ा होने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि अविलंब माइनर के टूटे तटबंध की मरम्मत कराकर पानी खेतों तक नहीं पहुंचाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में चंचल सिंह, पप्पू सिंह, भगवान सिंह, पंकज यादव, बिरेंद्र सिंह, कैलाश सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे ।
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बलुआ पंप कैनाल से निकली कैथी माइनर का पक्का तटबंध धान के पीक सीजन में टूटने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को टूटी माइनर के समीप खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप था कि माइनर के निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरती गई। इसके चलते निर्माण के कुछ ही दिनों के अंदर तटबंध टूट गया।
इससे धान के पीक सीजन में सिंचाई के अभाव में किसानों को फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। चेताया कि यदि अविलंब तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
एक वर्ष पूर्व बलुआ पंप कैनाल की क्षमता बढ़ाई गई और कैथी माइनर के तटबंध का पक्कीकरण का कार्य कराया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध के निर्माण में ठेकेदार द्वारा घोर अनियमितता बरती गई इसकी वजह से निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही माइनर का तटबंध टूट गया।
कहा कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने की शिकायत ग्रामीणों ने उसी समय जिलाधिकारी से की थी। कहा कि माइनर टूट जाने के चलते किसानों की खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है।
इससे किसानों के सामने एक बार पुन: रोजीरोटी का संकट खड़ा होने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि अविलंब माइनर के टूटे तटबंध की मरम्मत कराकर पानी खेतों तक नहीं पहुंचाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में चंचल सिंह, पप्पू सिंह, भगवान सिंह, पंकज यादव, बिरेंद्र सिंह, कैलाश सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे ।