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नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को दें मुआवजा : डीएम

Sun, 02 Nov 2025 12:52 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:52 AM IST
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Assess the damage and give compensation to the affected farmers: DM
पीडीडीयू नगर कंदवा। चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी होती रही। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने गांवों का दौरा कर खेतों में गिरी फसल का निरीक्षण किया।उन्होंने नायब तहसीलदार सदर चित्रसेन, नायब तहसीलदार चकिया आरिफ तथा राजस्व निरीक्षकों के साथ ग्राम फत्तेपुर मडहर, हरिपुर सहित कई गांवों में पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। उन्होंने मौजूद लेखपालों से कहा कि नुकसान की सटीक रिपोर्ट तैयार कर सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराएं। चेतावनी दी कि किसी किसान के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं होना चाहिए। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सदर एसडीएम दिव्या ओझा ने खुरुहूजा गांव में खेतों का निरीक्षण किया। बेमौसम बारिश हुए नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने लेखपाल से आपदा में क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। किसानों का कहना है कि 27 वर्षों बाद धान की पकी फसल का इतना ज्यादा नुकसान हुआ है। नरवन क्षेत्र के किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल गिर गई है। असना गांव निवासी प्रदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 1998 अक्तूबर में तेज आंधी और पानी के साथ ओलावृष्टि हुई थी। इससे खेतों में खड़ी हजारों एकड़ धान की फसल गिर गई थी। प्रगतिशील किसान रतन सिंह का कहना है कि कृषि बीमा में पूरे गांव के राजस्व क्षेत्रफल का 30 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर किसान बीमा का लाभ पाने का हकदार नहीं होता है। वहीं मनुष्य, गाय,भैंस,कार,ट्रैक्टर, मोटर साइकिल का निजी बीमा हो सकता है, लेकिन किसानों के खेतों का रकबे के हिसाब से व्यक्तिगत बीमा नहीं हो सकता है। सरकार को आपदा राहत कोष से किसानों को राहत राशि देनी चाहिए। बेमौसम बारिश ने बेन धरौली नहर और खखड़ा खिलची ड्रेन की सफाई की पोल खोल दी है। किसान विकास मंच ने ड्रेनों के जल बहाव में अतिक्रमण को नहीं हटाने के लिए सिंचाई विभाग और बंधी डिवीजन को जिम्मेदार ठहराया है। बेन धरौली नहर का टेल धरौली तक जाता है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने कहा कि सफाई के लिए सिंचाई विभाग,बंधी डिवीजन और जिलाधिकारी कार्यालय जाएंगे। मांग नहीं पूरी होने पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, मनजीत सिंह, अनुभव सिंह,राम प्यारे राय,राजू मौजूद रहे।बारिश और तेज हवाओं के कारण सब्जी की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। बारिश के कारण टमाटर, भिंडी, बैंगन, पालक, धनिया,आलू आदि सब्जी की फसल अधिक नमी के कारण सड़ने लगी हैं। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से इस बार धान की उपज में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
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