चहनिया विकासखंड के टांडा कला क्षेत्र स्थित सरौली ग्राम सभा की सड़कें वर्षों से क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव को जोड़ने वाली पीडब्ल्यूडी की तीनों दिशाओं की पिच सड़कें अब केवल कागजों में मौजूद हैं, जबकि धरातल पर गड्ढे और बिखरी हुई गिट्टियां ही दिखाई देती हैं। गांव के लगभग 75 प्रतिशत लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। बच्चे स्कूल जाने, मरीज अस्पताल ले जाने और रोजमर्रा के कार्यों के लिए टांडा कला और मारूफपुर बाजार तक इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरते हैं। सड़क कई स्थानों पर आधी कट चुकी है और कुछ जगह पूरी तरह गायब हो गई है, जिससे राहगीर अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीण सिपाही यादव, दशमी यादव, दामोदर यादव, लालता यादव और बृजेश यादव सहित अन्य लोगों ने कहा कि लंबे समय से इस समस्या की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार और विभाग जल्द सड़क की मरम्मत नहीं करवाएंगे, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में जेई संजय यादव ने बताया कि सरौली गांव की सड़क का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है और बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।