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महानिर्वाण दिवस पर अघोरेश्वर भगवान राम की प्रतिमा का हुआ अनावरण
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पड़ाव। अघोरेश्वर भगवान राम का महानिर्वाण दिवस सोमवार को धूम धाम से मनाया गया। इस मौके पर भगवान राम की संगमरमर की प्रतिमा का लोकार्पण समाधि स्थल पर किया गया। इस मौके पर विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर हुई गोष्ठी में गुरुपद संभव राम ने कहा कि महापुरुषों की वाणी, साहित्य का मनन करने से ही जीवन आसान होगा।
गोष्ठी में गुरुपद संभव राम ने कहा कि अधिकांश तो यही देखने में आता है कि हमलोग अपने समय को बहुत बर्बाद कर देते हैं। अनर्गल बातचीत में ही या अपने परिवार में या अपने काम धंधे में ही हम सीमित रह जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप सभी असंतुष्ट और अस्वस्थ हैं। अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपको ध्यान-धारणा, योग, शुद्ध खान-पान, रहन-सहन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अपनी दिनचर्या-जीवनचर्या को व्यवस्थित करना चाहिए। महापुरुषों की वाणियों का संबल तथा ईश्वर निहित ऐश्वर्य की कामना ही इससे छुटकारा दिला सकती है। गोष्ठी में अघोर शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार, भोपाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. शिवशंकर सिंह, अवधेश सिंह,केडी सिंह ने विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व मंगलाचरण यशवंत नाथ शाहदेव ने जबकि संचालन डॉ.बामदेव पांडेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के प्रचार मंत्री पारस नाथ यादव ने किया।
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गोष्ठी में गुरुपद संभव राम ने कहा कि अधिकांश तो यही देखने में आता है कि हमलोग अपने समय को बहुत बर्बाद कर देते हैं। अनर्गल बातचीत में ही या अपने परिवार में या अपने काम धंधे में ही हम सीमित रह जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप सभी असंतुष्ट और अस्वस्थ हैं। अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपको ध्यान-धारणा, योग, शुद्ध खान-पान, रहन-सहन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अपनी दिनचर्या-जीवनचर्या को व्यवस्थित करना चाहिए। महापुरुषों की वाणियों का संबल तथा ईश्वर निहित ऐश्वर्य की कामना ही इससे छुटकारा दिला सकती है। गोष्ठी में अघोर शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार, भोपाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. शिवशंकर सिंह, अवधेश सिंह,केडी सिंह ने विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व मंगलाचरण यशवंत नाथ शाहदेव ने जबकि संचालन डॉ.बामदेव पांडेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के प्रचार मंत्री पारस नाथ यादव ने किया।
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