फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Administrative team ready to help flood victims

आपदा प्रबंध और पीड़ितों के मदद को प्रशासन मुस्तैद

Sat, 21 Sep 2019 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2019 12:36 AM IST
विज्ञापन
Administrative team ready to help flood victims
दुलहीपुर के मवईकला में बाढ़ के पानी में डूबी भिंडी की फसल। - फोटो : CHANDAULI
चंदौली/पीडीडीयू नगर। गंगा में लगातार हो रहे बढ़ाव से जिले के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गंगा के तटवर्ती इलाके पानी से घिर गए हैं और पानी गांवों की तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को भी जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल और पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने पड़ाव, दुलहीपुर सहित कई इलाकों का दौरा कर दिशानिर्देश दिया। बचाव के लिए पीएसी की एक टुकड़ी, आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग की नौ टीमें, राजस्व विभाग तथा पंचायतीराज के कर्मचारियों को गंगा के तटवर्ती गांवों में तैनात किया गया है। लोगों की सुविधा के लिए 86 नावों की व्यवस्था की गई है। इसकी मानीटरिंग खुद जिलाधिकारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डीएम नवनीत सिंह चहल ने मुगलसराय ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार हर्ष और सकलडीहा एसडीएम रामसजीवन मौर्य को प्रमुख रूप से जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाधिकारी रोजाना बाढ़ग्रस्त इलाकों की समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा लोगों के उपचार के लिए राजकीय महिला चिकित्सालय पीडीडीयू नगर, भोगवारे स्वास्थ्य केंद्र के अलावा चनिया, सकलडीहा, धानापुर सीएचसी के चिकित्सकों की टीम बनाई गई है जो जरूरत पड़ने पर संबंधित गांवों में पहुंचकर उपचार करेगी। वहीं मुगलसराय और सकलडीहा तहसील के राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को क्षति आकलन तथा जरूरत पड़ने पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए तैनात किया गया। वहीं राहत शिविरों के आसपास साफ सफाई के लिए पंचायतीराज विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के अधिकारी पशुओं का टीकाकरण करेंगे। इसके अलावा दोनों तहसीलों के तहसीलदार नाव प्रबंध का कार्यभार देखेंगे।
विज्ञापन

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि बाढ़ग्रस्त और गंगा के तटीय इलाकों में अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए प्रशासन तैयार है। जिन गांवों में बाढ़ के पानी पहुंच गया है वहां लोगों के बचाव तथा राहत कार्य के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राहत तथा प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर बह रही गंगा : पीडीडीयू नगर। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव जारी है। शुक्रवार को भी गंगा में एक सेमी की प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक खतरे के निशान 71.26 मीटर से बढ़कर 71.62 मीटर पर जलस्तर दर्ज किया गया। शाम को पांच बजे जलस्तर बढ़कर 71.69 मीटर पहुंच गया। इससे बाढ़ का पानी अब मैदानी इलाकेे में तेजी से फैलने लगा है।
डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण : पड़ाव। डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी हेमंत कुटियाल ने बाढ़ प्रभावित गाँवों का निरीक्षण किया। सबसे पहले दोनों अधिकारी रतनपुर गांव पहुंचे। वहां नाव की व्यवस्था कराने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों को मदद के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिया। डीएम और एसपी ने लोगों से भी हाल जाना। इसके अलावा बाढ़ से घिरे बहादुरपुर, मढ़िया गांव में भी आई बाढ़ का निरीक्षण किया। वहां भी बाढ़ पीड़ितों से किया बात कर हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। वहीं डीएम के निर्देश पर क्षेत्र के चौरहट, बहादुरपुर और जलीलपुर में बाढ़ चौकी पर लोगों के लिए व्यवस्था की गई और बाढ़ पीड़ितों को घरों तक आने जाने के लिए सरकारी नाव मुहैया कराई गई है। इस मौके पर एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार हर्ष, सीओ त्रिपुरारी पांडेय, कानूनगो, लेखपाल मौजूद थे।
ग्रामीणों ने नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की : चहनिया। विकासखंड के दर्जनों गांव में पानी घुस चुका है। लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे है। क्षेत्र के मुकुंदपुर, भुसौला, चकरा, पकड़ी, महुअरिया गांव में जाने वाला मुख्य मार्ग पर पानी होने के कारण नाव से लोग घरों तक पहुंच रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि एक नाव लगी है जिससे आने जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने नाव की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है। वहीं पकड़ी ,घनश्यामपुर, महुअरिया, पूरा विजयी, पुरा गणेश, चकरा, सोनबरसा, सरौली, मोहम्मदपुर, हसनपुर, नादी, निधौरा, रईया , रामगढ़, कुरा, मोहम्मदपुर, मझिलेपुर, नदेसर, मारूकपुर, तिरगावा, शेरपुर सरैया ,बिषुपुर तथा नादी द्वितीय प्राथमिक विद्यालय के चारों तरफ गंगा का पानी फैल चुका है।
बाढ़ चौकी से कई प्रभावित लौटे घर : धानापुर। गंगा किनारे बसे गांव गुरैनी व नरौली में कटान को देखते हुए गुरुवार को डीएम के निर्देश पर वहां के लोगों को उसी रात सुरक्षित स्थान बाढ़ शिविर में लाया गया था ताकि लोग सुरक्षित तरीके से रह सकें। कटान को देखते हुए दर्जनों घरों को खाली कराया गया था। मगर शुक्रवार की सुबह लोग अपनी झोपड़ी में वापस चले गए। नरौली की चिंता देवी ने कहा कि बाढ़ चौकी पर किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। जहां रात भर पति व अपने पांच बच्चों के साथ किसी प्रकार से गुजारा किया। वहीं नोहरा देवी ने कहा कि रात किसी तरह बीता लेकिन सुबह बच्चों को भोजन के लिए हमें अपने बसेरा का सहारा लेना पड़ा है। इस संबंध में एसडीएम सकलडीहा राम सजीवन मौर्य नें कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से रात में लोगों को वहां से शिविर में रखा गया था। वहां डाक्टरों की टीम व लेखपालों की टीम बाढ़ क्षेत्रों में लगाए गए हैं।

सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील : सकलडीहा। डीएम के निर्देश पर एसडीएम राम सजीवन मौर्य आधा दर्जन बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर किसानों को पशुओं के साथ बाढ़ राहत केंद्र में पहुंचने की अपील की। इस दौरान कई किसानों ने पशुओं का चारा आदि की समस्या से अवगत कराया। गंगा की बढ़ती जलस्तर को लेकर डीएम और एसपी लगातार चौकसी बरत रहे है। शुक्रवार को मुकुंदपुर, बोझवा, गद्दोचक्क, दियां प्रसहटा, बुद्धपुर, नरौली, गुरैनी, प्रहलादपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान मारूफ पुर और बुद्धपुर में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अपील की। इस बाबत एसडीएम राम सजीवन मौर्य ने बताया कि कुछ गांवों में पानी गंगा का घुसने पर किसानों को पशुओं के साथ सुरक्षित बाढ़ राहत केंद्र पर पहुंचने का अपील की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed