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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   A teacher on his way to school was crushed by a trailer, killing him; family members blocked the highway for five hours.

Chandauli News: स्कूल जा रहे शिक्षक को ट्रेलर ने कुचला, माैत, परिजनों ने पांच घंटे तक हाईवे किया जाम

Wed, 18 Feb 2026 01:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:56 AM IST
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A teacher on his way to school was crushed by a trailer, killing him; family members blocked the highway for five hours.
सैयदराजा चंदाैली। जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार की सुबह बाइक सवार निजी स्कूल के शिक्षक को तेज रफ्तार ट्रेलर ने कुचल दिया। माैके पर ही शिक्षक की माैत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर शव को रखकर चक्काजाम कर दिया। हाईवे पर पांच घंटे तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने आरोपी चालक को ट्रेलर के साथ पकड़ लिया है।
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ककरैत गांव निवासी अजय राय ने बताया कि बेटा आशुतोष राय (27) बरूइन जमानिया में एक निजी विद्यालय में शिक्षक था। मंगलवार की सुबह 07 बजे वह बाइक से स्कूल के लिए निकला था। तलाशपुर मोड़ के पास जमानिया की तरफ से आ रहे ट्रेलर ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे आशुतोष की माैके पर ही माैत हो गई। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रख कर हाईवे पर जाम लगा दिया। सीओ सदर देवेंद्र कुमार ने बताया कि भाग रहे आरोपी चालक को पुलिस ने ट्रेलर के साथ पकड़ लिया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। लगभग पांच घंटे तक मान मनौव्वल के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ गांव ले गए। परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे इसलिए पंचनामा के बाद शव परिजनों को साैंप दिया गया। आशुतोष राय के परिजन उनके शव को बिना पंचनामा के ही उठाकर घर लेकर चले गए थे। पुलिस उनके घर जाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की।
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बेटा ही नहीं रहा तो मुआवजे का क्या करूंगा...
कंदवा। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जब मुआवजे की बात कही तो मृतक के पिता अजय राय ने कहा कि जब इकलौता बेटा ही नहीं रहा, तो मुआवजे के पैसे का क्या करूंगा? अब करोड़ों की खेती-बारी कौन संभालेगा। पिता के मुताबिक, आशुतोष तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। वह खेती में हाथ बंटाता था। संपन्न परिवार होने के कारण खाने पीने की कमी नहीं थी। रमेश राय बार बार रोकर यही कह रहे थे कि अब उनकी जमीन जायदाद का क्या होगा। पिता ने बताया कि आशुतोष की शादी तैयारी थी। लड़की वाले से शादी की बातचीत अंतिम दौर में चल रही थी। जल्द ही सगाई की तिथि तय होने वाली थी। तभी ये दर्दनाक हादसा हो गया और बहू लाने की इच्छा अधूरी रह गई।
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