{"_id":"5be9cc14bdec22698e6ebfc1","slug":"91542048788-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन के लिए सचिवों ने की सरकार की खिलाफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन के लिए सचिवों ने की सरकार की खिलाफत
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों ने सोमवार को बकाए वेतन के भुगतान को लेकर बिछियां स्थित कार्यालय परिसर में धरना दिया। नाराज सचिवों ने शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने चेताया कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर विचार नहीं किया तो हम सभी सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी समितियों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। हम सभी ने वेतन भुगतान के लिए कई माध्यमों से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। बावजूद इसके सरकार शिथिल बनी हुई है। यदि सरकार बकाए वेतन का भुगतान जल्द नहीं करती है तो हम सभी संगठित होकर सरकार के विरोध में सड़क पर उतरेंगे। कहा कि सरकार प्राइमरी सहकारी समितियों के कर्मचारियों को तत्काल राज्य कर्मचारियों की भांति राजकीय कोष से नियमित वेतन देने की सुविधा सुनिश्चित करें, नहीं तो सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। साथ ही समितियों में वर्तमान व पूर्व सचिवों और कर्मचारियों के बकाया वेतन भुुगतान करें। इस दौरान कैलाशपति सिंह, सोमरु राम, हवलदार पांडेय, चंद्रभान यादव, केशनाथ यादव, रामप्यारे, दयाशंकर, अशोक कुमार आदि उपस्थित थे। संचालन महेंद्र नाथ सिंह ने किया।
जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी समितियों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। हम सभी ने वेतन भुगतान के लिए कई माध्यमों से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। बावजूद इसके सरकार शिथिल बनी हुई है। यदि सरकार बकाए वेतन का भुगतान जल्द नहीं करती है तो हम सभी संगठित होकर सरकार के विरोध में सड़क पर उतरेंगे। कहा कि सरकार प्राइमरी सहकारी समितियों के कर्मचारियों को तत्काल राज्य कर्मचारियों की भांति राजकीय कोष से नियमित वेतन देने की सुविधा सुनिश्चित करें, नहीं तो सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। साथ ही समितियों में वर्तमान व पूर्व सचिवों और कर्मचारियों के बकाया वेतन भुुगतान करें। इस दौरान कैलाशपति सिंह, सोमरु राम, हवलदार पांडेय, चंद्रभान यादव, केशनाथ यादव, रामप्यारे, दयाशंकर, अशोक कुमार आदि उपस्थित थे। संचालन महेंद्र नाथ सिंह ने किया।
विज्ञापन