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औषधीय खेती पर सरकारी अनुदान
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:23 AM IST
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चंदौली। किसान धान गेहूं की परंपरागत खेती छोड़कर यदि औषधीय खेती करता है तो सरकार इसपर पूरे लागत का 20 प्रतिशत वहन करेगी। इससे किसानों को कम लागत में अच्छी उपज व फायदा हो सकता है। ये बातें मंगलवार को मंडी परिसर में चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान विकास गोष्ठी में उप कृषि निदेशक राजेंद्र प्रताप ने कहा।
डीडी एग्रीकल्चर ने कहा कि किसानों के आय को दोगुना करने के लिए सरकार अब कई प्रकार की अनुदान दे रही है। जिससे इन अनुदान के माध्यम से कम लागत में अच्छी फसल पैदा कर लोग इसका मुनाफा कमा सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे अधिक अनुदान सरकार द्वारा औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर दिया जा रहा है। बताया कि तुलसी, एलोबेरा, ब्राह्मी जैसे औषधीय फसलों की खेती करे तो इस पर सरकार 20 प्रतिशत लागत पर खर्च करती है। यह सभी अनुदान खेती के लागत का रसीद आन लाइन जमा करने पर डीपीटी के माध्यम से खाते में जाएगा। इसके साथ ही उद्यान अधिकारी सुरेंद्र कुमार भाष्कर ने कहा कि खेती में आठ हार्सपावर तक के कल्टीवेटर पर सरकारी योजना के तहत किसानों को 60 हजार रुपया अनुदान दिया जा रहा है। वहीं इससे अधिक पावर के कल्टीवेटर पर महिला कृषकों के लिए 75 हजार व एस सी एसटी के किसानों को भी 75 हजार रुपया छूट दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने धान के फसल में लगने वाले सूखा रोग आदि के विषय में वैज्ञानिकों ने जानकारी दिया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी आरपी रघुवंशी, कृषि वैज्ञानिक डा. समीर पांडेय, डा. विनोद सिंह आदि ने जैविक खेती के विषय में किसानों को जानकारी दी।
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डीडी एग्रीकल्चर ने कहा कि किसानों के आय को दोगुना करने के लिए सरकार अब कई प्रकार की अनुदान दे रही है। जिससे इन अनुदान के माध्यम से कम लागत में अच्छी फसल पैदा कर लोग इसका मुनाफा कमा सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे अधिक अनुदान सरकार द्वारा औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर दिया जा रहा है। बताया कि तुलसी, एलोबेरा, ब्राह्मी जैसे औषधीय फसलों की खेती करे तो इस पर सरकार 20 प्रतिशत लागत पर खर्च करती है। यह सभी अनुदान खेती के लागत का रसीद आन लाइन जमा करने पर डीपीटी के माध्यम से खाते में जाएगा। इसके साथ ही उद्यान अधिकारी सुरेंद्र कुमार भाष्कर ने कहा कि खेती में आठ हार्सपावर तक के कल्टीवेटर पर सरकारी योजना के तहत किसानों को 60 हजार रुपया अनुदान दिया जा रहा है। वहीं इससे अधिक पावर के कल्टीवेटर पर महिला कृषकों के लिए 75 हजार व एस सी एसटी के किसानों को भी 75 हजार रुपया छूट दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने धान के फसल में लगने वाले सूखा रोग आदि के विषय में वैज्ञानिकों ने जानकारी दिया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी आरपी रघुवंशी, कृषि वैज्ञानिक डा. समीर पांडेय, डा. विनोद सिंह आदि ने जैविक खेती के विषय में किसानों को जानकारी दी।
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