{"_id":"5b805ddb42c792464c73dde5","slug":"71535139291-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समिति पर न सचिव न खाद, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समिति पर न सचिव न खाद, किसान परेशान
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नई बाजार। साधन सहकारी समिति नोनार के सचिव की सेवानिवृत्ति के बाद किसी सचिव को चार्ज नहीं दिया गया है। इससे धान की फसल के पीक समय में किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। किसान खाद की निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। किसानों ने समिति पर शीघ्र सचिव की नियुक्ति के लिए आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
समिति पर कार्यरत सचिव राम अवध मौर्य की सेवानिवृत्ति के बाद किसी सचिव को चार्ज नहीं मिलने से दर्जनों गांवों के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। धरहरा साधन सहकारी समिति के सचिव नरेंद्र कुमार पाल ने बताया कि उनके नोनार साधन सहकारी समिति का अतिरिक्त चार्ज लेने का आदेश होने के बावजूद सेवानिवृत्त सचिव द्वारा चार्ज नहीं दिया जा रहा है। इसलिए समिति पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। पीथापुर गांव के किसान अकलू पाठक, संजय सिंह, अवधेशानंद आदि ने बताया कि समिति पर आवश्यक उर्वरक डीएपी, यूरिया,पोटाश, जिंक कुछ भी नहीं मिलने के कारण धान की फसल झुलसकर बर्बाद हो रही है। निजी दुकानों मे खाद महंगे दामों पर बेची जा रही है। इससे किसान परेशान हैं। वहीं निजी दुकानों में नकली खाद बेचे जाने की चर्चा से भी किसान सहमे हुए हैं। कहा, परेशानी से आजिज किसान आंदोलन के मूड में हैं।
समिति पर कार्यरत सचिव राम अवध मौर्य की सेवानिवृत्ति के बाद किसी सचिव को चार्ज नहीं मिलने से दर्जनों गांवों के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। धरहरा साधन सहकारी समिति के सचिव नरेंद्र कुमार पाल ने बताया कि उनके नोनार साधन सहकारी समिति का अतिरिक्त चार्ज लेने का आदेश होने के बावजूद सेवानिवृत्त सचिव द्वारा चार्ज नहीं दिया जा रहा है। इसलिए समिति पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। पीथापुर गांव के किसान अकलू पाठक, संजय सिंह, अवधेशानंद आदि ने बताया कि समिति पर आवश्यक उर्वरक डीएपी, यूरिया,पोटाश, जिंक कुछ भी नहीं मिलने के कारण धान की फसल झुलसकर बर्बाद हो रही है। निजी दुकानों मे खाद महंगे दामों पर बेची जा रही है। इससे किसान परेशान हैं। वहीं निजी दुकानों में नकली खाद बेचे जाने की चर्चा से भी किसान सहमे हुए हैं। कहा, परेशानी से आजिज किसान आंदोलन के मूड में हैं।
विज्ञापन