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आबादी में पटाखे की दुकान के विरोध ग्रामीणों का प्रदर्शन
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:48 AM IST
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दुलहीपुर। मुहम्मदपुर गांव से कोटे की दुकान को हटाने और आबादी के बीच आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में रविवार की सुबह ग्रामीण सड़क पर उतर आए। नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोटे की दुकान को पहले स्थान पर नहीं खोली गई और आतिशबाजी की दुकान को नहीं हटाया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मुहम्मदपुर गांव में कोटेदार रामजग ने पिछले दिनों कोटे की दुकान को हटाकर सात सौ मीटर दूर लेड़ुआपुर में स्थापित कर दिया गया है। वहीं कोटे की दुकान के बगल में ही अनवर अहमद के नाम से आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस दे दिया गया है। आबादी के बीच में विस्फोटक सामग्री को रखने और पटाखा बनाने का लाइसेंस दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। रविवार की सुबह गांव के प्रधान आदिल अमीन और पूर्व प्रधान गुफरान सिद्दीकी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पटाखा की दुकान पर पहुंच कर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्राम प्रधान आदिल अमीन ने कहा कि कोटेदार रामजग बिना सूचना के गांव के नाम से आवंटित दुकान को हटा कर अपने घर ले गया। वहां राशन लेने जाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। यही नहीं कोटेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है। इसी तरह बीच गांव में आतिशबाजी की दुकान खोले जाने से कभी भी हादसा हो सकता है। इसके खिलाफ अधिकारियों को शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व प्रधान गुफरान सिद्दीकी ने कहा कि कोटे की दुकान पूर्ववर्ती स्थान पर स्थापित होना चाहिए। तथा यदि आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में बेलाल अहमद, फरजाना, नफीसा, हसीबुन, साबिया, रेहाना, हसीन, ताहिरा बेगम रहे।
मुहम्मदपुर गांव में कोटेदार रामजग ने पिछले दिनों कोटे की दुकान को हटाकर सात सौ मीटर दूर लेड़ुआपुर में स्थापित कर दिया गया है। वहीं कोटे की दुकान के बगल में ही अनवर अहमद के नाम से आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस दे दिया गया है। आबादी के बीच में विस्फोटक सामग्री को रखने और पटाखा बनाने का लाइसेंस दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। रविवार की सुबह गांव के प्रधान आदिल अमीन और पूर्व प्रधान गुफरान सिद्दीकी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पटाखा की दुकान पर पहुंच कर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्राम प्रधान आदिल अमीन ने कहा कि कोटेदार रामजग बिना सूचना के गांव के नाम से आवंटित दुकान को हटा कर अपने घर ले गया। वहां राशन लेने जाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। यही नहीं कोटेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है। इसी तरह बीच गांव में आतिशबाजी की दुकान खोले जाने से कभी भी हादसा हो सकता है। इसके खिलाफ अधिकारियों को शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व प्रधान गुफरान सिद्दीकी ने कहा कि कोटे की दुकान पूर्ववर्ती स्थान पर स्थापित होना चाहिए। तथा यदि आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में बेलाल अहमद, फरजाना, नफीसा, हसीबुन, साबिया, रेहाना, हसीन, ताहिरा बेगम रहे।
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