{"_id":"5c2522cabdec2256a50a3d07","slug":"51545937610-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम का कोड पूछकर उड़ाए 1.99 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम का कोड पूछकर उड़ाए 1.99 लाख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीडीयू नगर। जनपद में साइबर क्राइम का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी एक व्यापारी से एटीएम का कोड पूछकर उच्चकों ने उनके खाते से एक लाख 99 हजार रुपये उड़ा दिए। दो दिन बाद मोबाइल पर पैसा निकाले जाने की सूचना मिलने के बाद भुक्तभोगी ने एटीएम कार्ड को लॉक करा गुरुवार को कोतवाली में घटना की तहरीर दी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
भुक्तभोगी अशोक जायसवाल ने बताया कि उनका इलाहाबाद बैंक में खाता है। 25 दिसंबर की दोपहर लगभग डेढ़ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें खुद को बैंक का मैनेजर बताते हुए कहा कि कुछ तकनीकी खराबी के कारण उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है। इस संबंध में उन्हें एक मैसेज भी भेजा गया है। संदेह होने पर भुक्तभोगी ने फोन काटकर मैसेज बाक्स देखा तो उसमें इलाहाबाद बैंक के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में भी लिखा था कि उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है। इस मैसेज को पढ़ने के बाद उनका संदेह दूर हो गया। कुछ देर बाद फिर उसी नंबर से कॉल आई जिसमें उनसे एटीएम कार्ड पर छपे 16 अंकों में से आखरी के छह नंबर पूछे गए। एटीएम कार्ड के चार नंबर का पिन कोड न पूछे जाने पर अशोक ने कार्ड के आखरी छह नंबर बता दिए। इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस व 26 दिसंबर को बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण बैंक नहीं खुला। 26 दिसंबर की रात जब उन्होंने मोबाइल का मैसेज बॉक्स खोला तो उनके होश उड़ गए। साइबर क्रिमिनलों ने उनके खाते से एटीएम के जरिए एक लाख 99 हजार रुपये उड़ा दिए थे। जानकारी होते ही उन्होंने काफी प्रयास कर एटीएम बंद कराया और गुरुवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की खोजबीन में जुट गई है।
विज्ञापन
भुक्तभोगी अशोक जायसवाल ने बताया कि उनका इलाहाबाद बैंक में खाता है। 25 दिसंबर की दोपहर लगभग डेढ़ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें खुद को बैंक का मैनेजर बताते हुए कहा कि कुछ तकनीकी खराबी के कारण उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है। इस संबंध में उन्हें एक मैसेज भी भेजा गया है। संदेह होने पर भुक्तभोगी ने फोन काटकर मैसेज बाक्स देखा तो उसमें इलाहाबाद बैंक के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में भी लिखा था कि उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया है। इस मैसेज को पढ़ने के बाद उनका संदेह दूर हो गया। कुछ देर बाद फिर उसी नंबर से कॉल आई जिसमें उनसे एटीएम कार्ड पर छपे 16 अंकों में से आखरी के छह नंबर पूछे गए। एटीएम कार्ड के चार नंबर का पिन कोड न पूछे जाने पर अशोक ने कार्ड के आखरी छह नंबर बता दिए। इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस व 26 दिसंबर को बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण बैंक नहीं खुला। 26 दिसंबर की रात जब उन्होंने मोबाइल का मैसेज बॉक्स खोला तो उनके होश उड़ गए। साइबर क्रिमिनलों ने उनके खाते से एटीएम के जरिए एक लाख 99 हजार रुपये उड़ा दिए थे। जानकारी होते ही उन्होंने काफी प्रयास कर एटीएम बंद कराया और गुरुवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की खोजबीन में जुट गई है।
विज्ञापन