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कर चोरी के मामले में 1591 वाहनों पर मुकदमा दर्ज

Sat, 08 Dec 2018 12:51 AM IST
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:51 AM IST
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कर चोरी के मामले में 1591 वाहनों पर मुकदमा दर्ज
सैयदराजा। वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग व एसटीएफ लखनऊ ने विभूति खंड लखनऊ थाने में 1591 वाहनों को लोहा ढ़ोने से संबंधित कर चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। कर चोरी करने वाले सभी वाहनों को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में वाणिज्य कर विभाग की टीमें चेकिंग करने के लिए लगा दी गई हैं।
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सैयदराजा के रमऊपुर गांव के सामने असिस्टेंट कमिश्नर सुरेश राय व सीटीओ राकेश कन्नौजिया ने पुलिस कर्मियों के साथ लोहे, मोरम व लोहे से संबंधित गाड़ियों की चेकिंग गुरुवार से शुरू कर दी है। शुक्रवार को चेकिंग के दौरान छह वाहनों को पकड़कर नौबतपुर सेल टेक्स परिसर में खड़ा किया गया। असिस्टेंट कमिश्नर सुरेश राय ने बताया कि फर्जी बिल व बिल्टी के आधार पर माल गंतव्य तक न भेजकर बीच रास्ते में ही उतारकर बेच दिया जाता था। इससे भारी मात्रा में कर की चोरी पाई गई। इसके बाद वाहनों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। कहा कि एक फरवरी 2018 से ईवे बिल का प्रयोग किया जा रहा है और जीएसटी 17 जुलाई 2017 से लागू है। बताया कि तब से निरंतर कर चोरी जारी है। जांच पड़ताल के दौरान अब तक 1591लोहे संबंधित वाहनों के विरूद्ध वाणिज्य कर विभाग के एसटीएफ लखनऊ द्वारा कर चोरी के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
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बालू लदे वाहनों से बंद नहीं हो रही वसूली
भाजपा काशी प्रांत के सहसंयोजक भी बैठ चुके हैँ धरने पर
ट्रक यूनियन के पदाधिकारी भी जता चुके हैं विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूर
सैयदराजा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित जिले के सैयदराजा में बगही स्थित वन विभाग की ओर से बालू लदे वाहनों से वसूली का खेल बंद नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बालू लदी ट्रकों से कोई अभिवहन शुल्क नहीं लिया जा सकता है। वन विभाग को केवल उन्हीं गाड़ियों से अभिवहन शुल्क लेने का अधिकार है जिन गाड़ियों पर संबंधित वन क्षेत्र से खनन किया हो। लेकिन नौबतपुर बॉर्डर पर स्थित वन विभाग के लिए कोई नियम नहीं है। बालू लदे वाहन बिहार के डेहरी से बालू लादकर उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में प्रवेश करती है। ऐसे मेंसुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इन गाड़ियों पर कोई अभिवहन शुल्क नहीं लगना चाहिए। लेकिन गाड़ियों के पास बिहार से गाड़ियों पर बालू लदे होने का रवन्ना होने के बावजूद उनसे जबरदस्ती अवैध वसूली की जां रही है। हालही में भाजपा के काशी प्रान्त के सहसंयोजक महेंद्र सिंह ने वन विभाग पर अवैध वसूली भ्रष्टाचार के खिलाफ तीन दिनों तक धरना भी दिया था। इससे पहले अवैध वसूली को लेकर यूपी बिहार के ट्रक यूनियन पदाधिकारी वाहन मालिकों के साथ वन विभाग कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था और इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से लेकर वरीय अधिकारियों से मिले थे लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। जिसके बाद जांच कर करवाई करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते बिहार से आकर यूपी बिहार बॉर्डर पर बालू लदे वाहनों के घंटों खड़ा होने से हाईवे पर जाम लगने की समस्या नासूर बनती जा रही है। आए दिन जाम से क्षेत्र के स्कूली बच्चों, मरीजों और क्षेत्रीय लोगों को जाम में फंसना होता है। बिहार मे डेहरी सहित अन्य जगहों से करीब 15 सौ की संख्या में प्रतिदिन ट्रक बालू लोड कर यूपी के विभिन्न मंडियों में जाते है। बालू लदे ट्रक जब बॉर्डर पर पहुंचते है तो वन विभाग के अधिकारी वाहनों को रोक कर राजस्व के आड़ में अभिवहन शुल्क कटाने को मजबूर करते है। इसके लिए नौबतपुर में दलाल फर्जी कागजात तैयार करा 38 रुपये प्रति टन के हिसाब से जमा किया जाता है। अभिवहन शुल्क के नाम पर 500 रुपये अलग से सुविधा शुल्क लिया जाता है
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