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शौचालय निर्माण नहीं कराने पर दर्ज होगा मुकदमा
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:06 AM IST
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समीक्षा बैठक
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चंदौली। जिले का कार्यभार ग्रहण करने के बाद रविवार को कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक क ी जिसमें उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान धन मिलने के बाद भी टायलेट नहीं बनाए जाने पर अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने धन मिलने के बाद भी शौचालय नहीं बनवाने वाले लाभार्थियों के खिलाफ पंद्रह अप्रैल के बाद मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की खराब प्रगति पर खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कराने की हिदायत दी। जनपद को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए अधिकारियों को एक-एक न्याय पंचायत गोद लेने का निर्देश भी दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में बन रहे शौचालयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और सहायक अभियंता को एक-एक न्याय पंचायत गोद दिया जाए, जिससे कि जनपद को जल्द से जल्द खुले में शौच मुक्त घोषित कराया जा सके। कहा कि अधिकारी द्वारा गोद लिए न्याय पंचायत में समय से शौचालय निर्माण पूर्ण नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिन लाभार्थियों के खाते में पैसा भेज दिया गया है उनको पंद्रह अप्रैल तक शौचालय का निर्माण पूर्ण करा लेना है। निर्धारित तिथि तक शौचालय पूर्ण न होने पर लाभार्थी के खिलाफ खंड विकास अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चेताया कि अधिकारी निर्देशों को गंभीरता से लें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम विजय शंकर दूबे, डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र आदि रहे।
उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की खराब प्रगति पर खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कराने की हिदायत दी। जनपद को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए अधिकारियों को एक-एक न्याय पंचायत गोद लेने का निर्देश भी दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में बन रहे शौचालयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और सहायक अभियंता को एक-एक न्याय पंचायत गोद दिया जाए, जिससे कि जनपद को जल्द से जल्द खुले में शौच मुक्त घोषित कराया जा सके। कहा कि अधिकारी द्वारा गोद लिए न्याय पंचायत में समय से शौचालय निर्माण पूर्ण नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जिन लाभार्थियों के खाते में पैसा भेज दिया गया है उनको पंद्रह अप्रैल तक शौचालय का निर्माण पूर्ण करा लेना है। निर्धारित तिथि तक शौचालय पूर्ण न होने पर लाभार्थी के खिलाफ खंड विकास अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चेताया कि अधिकारी निर्देशों को गंभीरता से लें अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम विजय शंकर दूबे, डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र आदि रहे।
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