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Chandauli News: बर्बाद हो रही 50 प्रतिशत अधिक टीके की खुराक
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जिले में मिशन इंद्रधनुष के तहत चल रहे बच्चों के टीकाकरण महाअभियान के तहत 50 से 70 प्रतिशत टीके की खुराक बर्बाद हो जा रही हैं। इसे लेकर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त की है। बीते अगस्त और सितंबर में सबसे ज्यादा ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), एमआर (खसरा, रूबेला), डिप्थीरिया, टिटनस और पोलियोमायालाइटिस के संयोजित टीके, टिटनस टॉक्सायड (टीटी) की बर्बादी हुई।
जिले में अधिक से अधिक बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष अभियान मिशन इंद्र धनुष के तहत टीकाकरण किया जा रहा है। बीते दो चरणों में जिले में दाे लाख से अधिक टीके लगाए गए। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबकि इनमें बेसिल कालमेट-ग्युरिन (बीसीजी) 74 प्रतिशत, एमआर 37 प्रतिशत, ओपीवी 59 प्रतिशत, टीटी 42, पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो) 17, डीपीटी 20, पेंटा 10 प्रतिशत तक बर्बाद हुए हैं। इसमें खराब हालत चहनिया की है, जहां ओपीवी 70 प्रतिशत, धानापुर में 66 और नौगढ़ में 63 प्रतिशत टीके बर्बाद हुए हैं। इसी तरह चहनिया में डीपीटी का टीका 74 प्रतिशत, मुगलसराय में 51 और सकलडीहा में 41 प्रतिशत खराब हो गए। चकिया में 43 प्रतिशत, धानापुर में 58, नौगढ़ में 44 प्रतिशत एमआर के टीके खराब हो गए। शुक्रवार को जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें टीके की बर्बादी पर चिंता जताई और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विकल्प तलाशने को कहा।
वर्जन
जिले में टीके की बर्बादी को रोकने के लिए एनएम सहित कूलिंग चेन कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका निर्णय जल्द ही बैठक बुलाकर लिया जाएगा। -डॉ. युगल किशोर राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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जिले में अधिक से अधिक बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष अभियान मिशन इंद्र धनुष के तहत टीकाकरण किया जा रहा है। बीते दो चरणों में जिले में दाे लाख से अधिक टीके लगाए गए। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबकि इनमें बेसिल कालमेट-ग्युरिन (बीसीजी) 74 प्रतिशत, एमआर 37 प्रतिशत, ओपीवी 59 प्रतिशत, टीटी 42, पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो) 17, डीपीटी 20, पेंटा 10 प्रतिशत तक बर्बाद हुए हैं। इसमें खराब हालत चहनिया की है, जहां ओपीवी 70 प्रतिशत, धानापुर में 66 और नौगढ़ में 63 प्रतिशत टीके बर्बाद हुए हैं। इसी तरह चहनिया में डीपीटी का टीका 74 प्रतिशत, मुगलसराय में 51 और सकलडीहा में 41 प्रतिशत खराब हो गए। चकिया में 43 प्रतिशत, धानापुर में 58, नौगढ़ में 44 प्रतिशत एमआर के टीके खराब हो गए। शुक्रवार को जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें टीके की बर्बादी पर चिंता जताई और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विकल्प तलाशने को कहा।
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जिले में टीके की बर्बादी को रोकने के लिए एनएम सहित कूलिंग चेन कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका निर्णय जल्द ही बैठक बुलाकर लिया जाएगा। -डॉ. युगल किशोर राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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