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गांवों के कूड़ा-कचरा से बनेगा बायो गैस व जैविक खाद
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:35 AM IST
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चंदौली। स्वच्छता मिशन के तहत गुरुवार को विकास भवन सभागार में पंचायती राज विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही प्रोजेक्टर के जरिए कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसका शुभारंभ सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सीडीओ ने कहा स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में चयनित गंगा किनारे के 43 गांवों में ठोस, तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना बनाई गई है। गांवों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा व अपशिष्ट का उपयोग जैविक खाद व बायो गैस बनाने में किया जाएगा। डीपीआरओ उमाशंकर ने कहा जिले में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। पहले दिन विकास भवन सभागार में यूनिसेफ के प्रशिक्षकों ने एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव, गंगा ग्राम के टीए, आरईएस के जेई व खंड प्रेरकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 14 दिसंबर से प्रशिक्षुओं की टीम नियमताबाद, चहनियां व धानापुर ब्लाक में चयनित गंगा किनारे बसे 43 गंगा ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा करेंगी। वहीं आधार पर कार्य योजना तैयार की जाएगी। कार्य योजना को जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशिक्षकों ने कहा केंद्र सरकार गंगा निर्मलीकरण को लेकर गंभीर है। ऐसे में गंगा में बहने वाले गांवों के अपशिष्ट को नदी में गिरने से रोकने की योजना बनाई है। इस दौरान डीपीसी मनोज श्रीवास्तव, जिला समन्वयक अपेक्षा त्रिपाठी, धनंजय सिंह, कैलाशपति सिंह, गुंजन श्रीवास्तव, जन्मेजय कुमार, कमलेश कुमार, प्रभात, नीरज सिन्हा आदि उपस्थित थे।
सीडीओ ने कहा स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में चयनित गंगा किनारे के 43 गांवों में ठोस, तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना बनाई गई है। गांवों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा व अपशिष्ट का उपयोग जैविक खाद व बायो गैस बनाने में किया जाएगा। डीपीआरओ उमाशंकर ने कहा जिले में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। पहले दिन विकास भवन सभागार में यूनिसेफ के प्रशिक्षकों ने एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव, गंगा ग्राम के टीए, आरईएस के जेई व खंड प्रेरकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 14 दिसंबर से प्रशिक्षुओं की टीम नियमताबाद, चहनियां व धानापुर ब्लाक में चयनित गंगा किनारे बसे 43 गंगा ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा करेंगी। वहीं आधार पर कार्य योजना तैयार की जाएगी। कार्य योजना को जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशिक्षकों ने कहा केंद्र सरकार गंगा निर्मलीकरण को लेकर गंभीर है। ऐसे में गंगा में बहने वाले गांवों के अपशिष्ट को नदी में गिरने से रोकने की योजना बनाई है। इस दौरान डीपीसी मनोज श्रीवास्तव, जिला समन्वयक अपेक्षा त्रिपाठी, धनंजय सिंह, कैलाशपति सिंह, गुंजन श्रीवास्तव, जन्मेजय कुमार, कमलेश कुमार, प्रभात, नीरज सिन्हा आदि उपस्थित थे।
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