{"_id":"5a78b0da4f1c1bf17b8b5c52","slug":"31517859034-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि गणना इनपुट सर्वे की दी गई जानकारी 12","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि गणना इनपुट सर्वे की दी गई जानकारी 12
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। दसवीं कृषि गणना के इनपुट सर्वे के बाबत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कानूनगो और रजिस्टार कानूनगो को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षकों ने सर्वे की बारिकियों और कर्मचारियों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अपर सांख्यिकी अधिकारी अतुल राय ने बताया कि कृषि गणना 2015-16 के अंतर्गत कृषि वर्ष 2016-17 में रबी और जायद इनपुट सर्वे प्रदेश के कुल आबाद ग्रामों में से कुछ चयनित ग्रामों में किया जाना है। प्रत्येक जिले में लगभग सात प्रतिशत ग्रामों को उक्त सर्वेक्षण के लिए चुना गया है। जिन गांवों में इनपुट सर्वे का क्षेत्रीय कार्य संपन्न होगा उसकी सूची जिलाधिकारी को भेज दी गई है। यह सूची जिला और तहसील मुख्यालयों पर भी उपलब्ध है। बताया कि गांवों का चयन टीआरएस ग्रामों में से रेंडम विधि से किया गया है। बताया कि लेखपालों द्वारा चयनित गांवों में जाकर गांव में रहने वाले समस्त जोतदारों की सूची निर्धारित प्रारूप पर तैयार की जानी है। यदि किसी कारणवश लेखपाल सूची तैयार नहीं कर पा रहे हैं तो यह सूची राजस्व और सांख्यिकी निरीक्षक खुद तैयार करेंगे। बताया कि प्रत्येक सांख्यिकी निरीक्षक अपने जिले में कुल पंद्रह गांवों में यह कार्य संपन्न करेंगे और राजस्व निरीक्षकों द्वारा अपने हलके में पड़ने वाले गांवों में सूची तैयार करने का कार्य किया जाएगा।