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किसानों के लिए वरदान होगा हैप्पी सीडर
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:48 AM IST
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चंदौली। कृषि अवशेष प्रबंधन के लिए सोमवार को केवीके में गेंहू केे बुआई के लिए हैप्पी सीडर मशीन का प्रयोग किया। इससे समय के बचत होने अलावा खेत में नमी को बरकरार रखने में किसनों को मदद मिलेगी। वहीं खेत में पड़े कृषि अवशेष को यह मशीन जमीन के अंदर दबा देगी। जिससे खेत की जैविक उर्रवरा शक्ति को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। हैप्पी सीडर मशीन से करीब छह एकड़ खेत में गेंहू की बुआई की गई।
केविके प्रभारी डा.आरपीएस रघुवंशी ने बताया कि धान की कटाई के किसानों द्वारा कंबाइंड मशीन का प्रयोग किया जाता है। इससे फसल का अवशेष खेतों में ही छूट जाता है। जबकि फसल अवशेष के जलाले से खेज की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। इससे मिट्टी में मित्र कीट समाप्त हो जाते हैं। साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। हैप्पी सीडर से गेहूं की बोआई से फसल अवशेष को सीडर में लगे रोटर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर फैला देते हैं। इसके पीछे गेहूं का बीज एवं खाद अलग-अलग सही मात्रा में खाद के बाद बीज बिना जोताई के खेत में एक समान गहराई में बोआई कर देता है। फसल अवशेष को काटने के बाद खेत में उर्वरक का कार्य करता है। इससे खेत में नमी बरकरार रहती है। साथ ही मिट्टी में जीवाश्म से कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ने व समय एवं सिंचाई की भी बचत होती है।
केविके प्रभारी डा.आरपीएस रघुवंशी ने बताया कि धान की कटाई के किसानों द्वारा कंबाइंड मशीन का प्रयोग किया जाता है। इससे फसल का अवशेष खेतों में ही छूट जाता है। जबकि फसल अवशेष के जलाले से खेज की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। इससे मिट्टी में मित्र कीट समाप्त हो जाते हैं। साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। हैप्पी सीडर से गेहूं की बोआई से फसल अवशेष को सीडर में लगे रोटर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर फैला देते हैं। इसके पीछे गेहूं का बीज एवं खाद अलग-अलग सही मात्रा में खाद के बाद बीज बिना जोताई के खेत में एक समान गहराई में बोआई कर देता है। फसल अवशेष को काटने के बाद खेत में उर्वरक का कार्य करता है। इससे खेत में नमी बरकरार रहती है। साथ ही मिट्टी में जीवाश्म से कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ने व समय एवं सिंचाई की भी बचत होती है।
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