{"_id":"5babd9a1867a557ff666be44","slug":"181537989025-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक अक्तूबर को काली पट्टी बांध कार्य करेंगे डाक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक अक्तूबर को काली पट्टी बांध कार्य करेंगे डाक्टर
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नियमताबाद। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर जिला संघ के चिकित्सकों की बैठक बुधवार को कैंप कार्यालय में हुई। इसमें सभी सरकारी चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में एक अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के कार्यवाहक जिला सचिव डॉ. संजय यादव ने कहा कि सरकारी चिकित्सक कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। चिकित्सक को पोस्टमार्टम के लिए सिर्फ सौ रुपये दिए जाते हैं। इसमें वृद्धि कर इसे दो हजार रुपये किया जाए। चिकित्सकों के खिलाफ चल रही जांच को छह महीने में कमेटी बनाकर निस्तारित किया जाए। जांच के नाम पर चिकित्सक को परेशान किया जाना बंद हो। कहा कि बंद की गई चिकित्सकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को तत्काल लागू किया जाए। बताया कि इस समय प्रदेश में 33 हजार विशेषज्ञ चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र तीन हजार चिकित्सक कार्यरत हैं। उन्होंने रिक्त चल रहे पदों को तत्काल भरने, चिकित्सकों के कार्य करने की अवधि निश्चित किए जाने व चिकित्सकों का ग्रामीण भत्ता मूल वेतन का 25 प्रतिशत किए जाने की मांग की। इस दौरान डॉ. राधेश्याम, डॉ. रविकांत, डॉ. नफीस अंसारी, डॉ. अभिषेक मौजूद रहे।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के कार्यवाहक जिला सचिव डॉ. संजय यादव ने कहा कि सरकारी चिकित्सक कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। चिकित्सक को पोस्टमार्टम के लिए सिर्फ सौ रुपये दिए जाते हैं। इसमें वृद्धि कर इसे दो हजार रुपये किया जाए। चिकित्सकों के खिलाफ चल रही जांच को छह महीने में कमेटी बनाकर निस्तारित किया जाए। जांच के नाम पर चिकित्सक को परेशान किया जाना बंद हो। कहा कि बंद की गई चिकित्सकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को तत्काल लागू किया जाए। बताया कि इस समय प्रदेश में 33 हजार विशेषज्ञ चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र तीन हजार चिकित्सक कार्यरत हैं। उन्होंने रिक्त चल रहे पदों को तत्काल भरने, चिकित्सकों के कार्य करने की अवधि निश्चित किए जाने व चिकित्सकों का ग्रामीण भत्ता मूल वेतन का 25 प्रतिशत किए जाने की मांग की। इस दौरान डॉ. राधेश्याम, डॉ. रविकांत, डॉ. नफीस अंसारी, डॉ. अभिषेक मौजूद रहे।
विज्ञापन