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मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे शिक्षक
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:16 AM IST
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इलिया। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान शिक्षक के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ वित्त विहीन गुट ने कापियों के मूल्यांकन न करने की चेतावनी दी है। सोमवार को कस्बा स्थित दुर्गावती बालिका इंटर कालेज में बैठक कर चकिया एसडीएम द्वारा शिक्षक और केंद्र व्यवस्थापक से दुर्व्यवहार की घटना पर रोष प्रकट किया। साथ ही 17 मार्च से शुरू हो रहे मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री डा. ओम प्रकाश चौबे ने कहा कि मानदेय का भुगतान बंद होने से वित्त विहीन शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि पिछले तीन वर्षों से मूल्यांकन व परीक्षा कार्य का भुगतान नहीं किए जाने से शिक्षकों में गुस्सा है। 10 फरवरी को इंटर की गृहविज्ञान की परीक्षा के दौरान दुर्व्यवहार पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। शिक्षकों द्वारा कई बार आंदोलन करने के बाद भी शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि शिक्षक 17 मार्च से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे और समस्याओं का निदान होने के बाद ही शिक्षक मूल्यांकन कार्य में हिस्सा लेंगे। जिले में करीब तीन हजार से अधिक वित्त विहीन शिक्षक हैं। इस दौरान गीता राय, चंद्रशेखर शर्मा, निरुपमा केशरी, सत्यप्रकाश गुप्ता, संतोष गुप्ता, संजय सिंह, रियासत अली, राम कुमारी सिंह, पुष्पा देवी आदि मौजूद रहे।
बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री डा. ओम प्रकाश चौबे ने कहा कि मानदेय का भुगतान बंद होने से वित्त विहीन शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि पिछले तीन वर्षों से मूल्यांकन व परीक्षा कार्य का भुगतान नहीं किए जाने से शिक्षकों में गुस्सा है। 10 फरवरी को इंटर की गृहविज्ञान की परीक्षा के दौरान दुर्व्यवहार पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। शिक्षकों द्वारा कई बार आंदोलन करने के बाद भी शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि शिक्षक 17 मार्च से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे और समस्याओं का निदान होने के बाद ही शिक्षक मूल्यांकन कार्य में हिस्सा लेंगे। जिले में करीब तीन हजार से अधिक वित्त विहीन शिक्षक हैं। इस दौरान गीता राय, चंद्रशेखर शर्मा, निरुपमा केशरी, सत्यप्रकाश गुप्ता, संतोष गुप्ता, संजय सिंह, रियासत अली, राम कुमारी सिंह, पुष्पा देवी आदि मौजूद रहे।
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