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धान की खरीद में खराब प्रगति पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक को स्पष्टीकरण
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:09 AM IST
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धान क्रय केंद्र में पीसीएफ के केंद्रों की लगातार शिकायत के बाद जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक शशिकांता भारती के खिलाफ स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं क्रय केंद्रों से उठान हुए धान का चावल व्यास नगर में न उतारे जाने की शिकायत जिलाधिकारी ने भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक से की।
जिले में खरीद करने के लिए कुल सात एजेंसियों के 91 धान क्रय केंद्र बनाए गये हैं। जिसमें से पीसीएफ के अकेले 40 क्रय केंद्र हैं। जबकि अन्य एजेंसियों के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम, खाद्य विभाग, एनसीसीएफ व एनसीएमएल आदि जैसे संस्था भी धान की खरीद में लगे हुए हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति पीसीएफ के क्रय केंद्रों की है। इस एजेंसी के कुल 40 क्रय केंद्रों में से अभी तक मात्र 3000 मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है। जबकि खाद्य विभाग ने 25 दिसंबर तक कुल 10 हजार मिट्रिक टन खरीद की है। इस एजेंसी को कुल 30 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद करना है। वहीं भारतीय खाद्य निगम ने 6 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है। भारतीय खाद्य निगम को सात हजार दो सौ मिट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। एनसीसीएफ को पांच हजार मिट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसने लक्ष्य को पूरा करते हुए उससे अधिक 6311 मिट्रिक टन धान की खरीद की। जबकि एनसीएमएल निर्धारित 60 हजार मिट्रिक टन के लक्ष्य में 8594 मिट्रिक टन धान को खरीद पाया है। इससे खफा जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने जिला प्रबंधक को स्पष्टीकरण देने का निर्देश जिला खाद्य अधिकारी के के सिंह से की है। एफसीआई द्वारा चावल न लेने के कारण धान की डिलेवरी राइस मिलों पर नहीं हो पा रही है।
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जिले में खरीद करने के लिए कुल सात एजेंसियों के 91 धान क्रय केंद्र बनाए गये हैं। जिसमें से पीसीएफ के अकेले 40 क्रय केंद्र हैं। जबकि अन्य एजेंसियों के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम, खाद्य विभाग, एनसीसीएफ व एनसीएमएल आदि जैसे संस्था भी धान की खरीद में लगे हुए हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति पीसीएफ के क्रय केंद्रों की है। इस एजेंसी के कुल 40 क्रय केंद्रों में से अभी तक मात्र 3000 मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है। जबकि खाद्य विभाग ने 25 दिसंबर तक कुल 10 हजार मिट्रिक टन खरीद की है। इस एजेंसी को कुल 30 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद करना है। वहीं भारतीय खाद्य निगम ने 6 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद हुई है। भारतीय खाद्य निगम को सात हजार दो सौ मिट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। एनसीसीएफ को पांच हजार मिट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसने लक्ष्य को पूरा करते हुए उससे अधिक 6311 मिट्रिक टन धान की खरीद की। जबकि एनसीएमएल निर्धारित 60 हजार मिट्रिक टन के लक्ष्य में 8594 मिट्रिक टन धान को खरीद पाया है। इससे खफा जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने जिला प्रबंधक को स्पष्टीकरण देने का निर्देश जिला खाद्य अधिकारी के के सिंह से की है। एफसीआई द्वारा चावल न लेने के कारण धान की डिलेवरी राइस मिलों पर नहीं हो पा रही है।
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