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शादी अनुदान बनी सामूहिक विवाह योजना
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:58 AM IST
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मुगलसराय। शादी अनुदान योजना अब योगी सरकार में सामूहिक विवाह योजना के रूप में परिवर्तित हो गई है। पिछले सपा सरकार में यह योजना शादी अनुदान योजना के नाम से चलाई जा रही है। इसके तहत प्रत्येक गरीब जरूरतमंद कन्या के विवाह में सरकार की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी। योजना के तहत जिला प्रशासन के द्वारा सामूहिक रूप से विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही शासन द्वारा बतौर कन्या को 30 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
शादी अनुदान योजना को सरकार ने बदलकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का नाम दिया है। समाज कल्याण निदेशालय ने नई योजना का आदेश जारी कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि योजना के तहत जिले में निकाय स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित विवाह समिति की ओर से क्रियान्वित किया जाएगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए निकाय स्तर, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, शासकीय संस्थाएं और एनजीओ को डीएम अनुमति प्रदान करेंगे। समारोह में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं आयोजक समिति द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 20 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। साथ ही विधवा और परित्यक्ता को 25 हजार रुपये मिलेंगे। कन्या को पायल, बिछिया, कपड़े और बर्तन के लिए दस हजार और विधवा और अन्य को पांच हजार रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही आयोजक विवाह सीमित को प्रति जोड़े के हिसाब से सरकार की ओर से पांच हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। एक सामूहिक विवाह समारोह में कम से कम दस जोड़े भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिले में डीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा।
आफलाइन करने होंगे आवेदन
समारोह में शामिल होने वाले जोड़ों को निर्धारित तिथि से 45 दिन पहले आफलाइन आवेदन करना होगा। जिसके तहत पंजीकरण के बाद निकाय स्तर पर प्राप्ति रसीद आवेदक को दी जाएगी। विवाह के बाद दंपती को प्रमाण पत्र भी मिलेगा।
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जिले से जारी होगा फंड
समाज कल्याण निदेशालय की ओर से कार्यक्रम के लिए समाज कल्याण अधिकारी को बजट का आंवटन किया जाएगा। जिसके बाद डीएम बजट को निकायों को जारी करेंगे।
ये होगें पात्र-
- कन्या के अभिभावक प्रदेश के मूल निवासी हों।
- कन्या के अभिभावक निराश्रित, जरूरतमंद और गरीब हों।
- वार्षिक आय सीमा शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये हो।
- कन्या की उम्र 18 और वर की उम्र 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
’’सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में निकाय स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित विवाह समिति की ओर से क्रियान्वित किया जाएगा।’’ - महेंद्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी, चंदौली।
शादी अनुदान योजना को सरकार ने बदलकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का नाम दिया है। समाज कल्याण निदेशालय ने नई योजना का आदेश जारी कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि योजना के तहत जिले में निकाय स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित विवाह समिति की ओर से क्रियान्वित किया जाएगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए निकाय स्तर, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, शासकीय संस्थाएं और एनजीओ को डीएम अनुमति प्रदान करेंगे। समारोह में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं आयोजक समिति द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 20 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। साथ ही विधवा और परित्यक्ता को 25 हजार रुपये मिलेंगे। कन्या को पायल, बिछिया, कपड़े और बर्तन के लिए दस हजार और विधवा और अन्य को पांच हजार रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही आयोजक विवाह सीमित को प्रति जोड़े के हिसाब से सरकार की ओर से पांच हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। एक सामूहिक विवाह समारोह में कम से कम दस जोड़े भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिले में डीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा।
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आफलाइन करने होंगे आवेदन
समारोह में शामिल होने वाले जोड़ों को निर्धारित तिथि से 45 दिन पहले आफलाइन आवेदन करना होगा। जिसके तहत पंजीकरण के बाद निकाय स्तर पर प्राप्ति रसीद आवेदक को दी जाएगी। विवाह के बाद दंपती को प्रमाण पत्र भी मिलेगा।
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जिले से जारी होगा फंड
समाज कल्याण निदेशालय की ओर से कार्यक्रम के लिए समाज कल्याण अधिकारी को बजट का आंवटन किया जाएगा। जिसके बाद डीएम बजट को निकायों को जारी करेंगे।
ये होगें पात्र-
- कन्या के अभिभावक प्रदेश के मूल निवासी हों।
- कन्या के अभिभावक निराश्रित, जरूरतमंद और गरीब हों।
- वार्षिक आय सीमा शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये हो।
- कन्या की उम्र 18 और वर की उम्र 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
’’सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में निकाय स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित विवाह समिति की ओर से क्रियान्वित किया जाएगा।’’ - महेंद्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी, चंदौली।