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अस्पताल कर्मियों का वेतन रोका
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:07 AM IST
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नौगढ़। क्षेत्र के आयुर्वेदिक चिकित्सालय महिला पर नियुक्त चिकित्सक, वार्ड ब्वाय के लगातार गायब रहने की शिकायत पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी बद्री प्रसाद ने निरीक्षण कर चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों का अगस्त और सितंबर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। साथ ही अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी ने 15 सितंबर को आयुर्वेदिक चिकित्सालय महिला का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान चिकित्सक कुबेर प्रसाद गुप्ता और वार्ड ब्वाय रामाश्रय काफी दिनों से गायब मिले। मौजूद फार्मासिस्ट नंद किशोर सिंह ने भी बताया कि चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं आ रहे हैं, लेकिन जब उन्होंने अभिलेखों की मांग किया तो फार्मासिस्ट ने बताया कि सभी अभिलेख रजिस्टर वाराणसी स्थित अपने आवास पर रखे हैं। ग्राम प्रधान बुधिराम यादव ने भी बताया कि नियुक्त चिकित्सक और कर्मचारी नहीं आते हैं।
बद्री प्रसाद ने बताया कि चिकित्सालय के नियमित संचालन के लिए शीघ्र स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी और इसके लिए निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखा गया है। गौरतलब है कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी वाराणसी डॉक्टर बद्री प्रसाद ने जुलाई में भी निरीक्षण किया था तो चिकित्सालय बंद मिला था। गांव वालों ने बताया था यहां कोई कर्मचारी कभी नहीं आता है। दोबारा फिर छह दिन पहले निरीक्षण में भी डाक्टर और कर्मचारी गायब मिले थे।
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आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी ने 15 सितंबर को आयुर्वेदिक चिकित्सालय महिला का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान चिकित्सक कुबेर प्रसाद गुप्ता और वार्ड ब्वाय रामाश्रय काफी दिनों से गायब मिले। मौजूद फार्मासिस्ट नंद किशोर सिंह ने भी बताया कि चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं आ रहे हैं, लेकिन जब उन्होंने अभिलेखों की मांग किया तो फार्मासिस्ट ने बताया कि सभी अभिलेख रजिस्टर वाराणसी स्थित अपने आवास पर रखे हैं। ग्राम प्रधान बुधिराम यादव ने भी बताया कि नियुक्त चिकित्सक और कर्मचारी नहीं आते हैं।
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बद्री प्रसाद ने बताया कि चिकित्सालय के नियमित संचालन के लिए शीघ्र स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी और इसके लिए निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखा गया है। गौरतलब है कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी वाराणसी डॉक्टर बद्री प्रसाद ने जुलाई में भी निरीक्षण किया था तो चिकित्सालय बंद मिला था। गांव वालों ने बताया था यहां कोई कर्मचारी कभी नहीं आता है। दोबारा फिर छह दिन पहले निरीक्षण में भी डाक्टर और कर्मचारी गायब मिले थे।
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