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आठ दिन में कैसे पूरा होगा गेहूं खरीद का लक्ष्य
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पीडीडीयू नगर। किसानों की उपज की खरीद और उनके भुगतान के लिए शासन से लेकर प्रशासन तक तमाम दावे किए जा रहे हैं मगर जिम्मेदारों की लापरवाही से अब तक न तो किसानों से गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो सका और नहीं उनका भुगतान किया जा सका है। जबकि 15 जून तक लक्ष्य 79 एमटी गेहूं खरीद कर उसका भुगतान किसानों को कर दिया जाना है। अभी तक सिर्फ 43 हजार एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है। 36 एमटी गेहूं की खरीद बाकी है और मात्र आठ दिनों का ही समय है। विपणन विभाग और क्रय एजेंसियों के लिए लक्ष्य पूरा करना चुनौती से कम नहीं है।
इस साल गेेहूं खरीद के लिए जिले में आठ एजेंसियों के कुल 92 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से शासन ने 79 हजार एमटी गेहूं किसानों से खरीद करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में सात हजार एमटी अधिक है। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन 6605 किसानों से 43 हजार एमटी गेहूं की खरीद कर सका है। जबकि शासन ने 15 जून तक गेहूं खरीद प्रक्रिया को बंद करने का निर्देश जारी किया है। ऐसे में आठ दिनों में 36 हजार एमटी गेहूं खरीदना जिला प्रशासन के लिए चुनौती है। गुरुवार तक खाद्य विभाग ने 25 केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 12 हजार के सापेक्ष 1514 किसानों से मात्र 89 एमटी गेहूं की खरीद की है। इसी प्रकार पीसीएफ ने 17 केंद्रों पर 16 हजार में चार हजार, यूपी एग्रो ने 12 केंद्रों पर 15 हजार में 77 सौ एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम ने पांच केंद्रों पर चार हजार में 26 सौ एमटी, सीपीएसएस ने पांच केंद्रों पर चार हजार में 21 सौ एमटी, यूपी पीसीयू ने 16 केंद्रों पर 13 हजार में 87 सौ एमटी, नैफेड ने 11 केंद्रों पर दस हजार में 65 सौ एमटी तथा एफसीआई ने एक केंद्र पर पांच हजार में 19 एमटी गेहूं की खरीद की है। जिला प्रशासन और क्रय केंद्र एजेंसियों की लापरवाही से किसानों से गेहूं की खरीद नहीं हो सकी। वहीं तकरीबन 20 फीसदी ऐसे किसान हैं जो गेहूं बेचेन के बाद अब भुगतान के लिए भागदौड़ कर रहे हैं।
कोट......
इस साल 79 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य है लेकिन ऐजेंसियों की धीमी गति से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसके लिए एजेंसियों को हर हाल में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। लक्ष्य पूरा नहीं होगा तो कार्रवाई की जाएगी। अभी तक जिले में 6605 किसानों से 43 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई है। अनूप श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
इस साल गेेहूं खरीद के लिए जिले में आठ एजेंसियों के कुल 92 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से शासन ने 79 हजार एमटी गेहूं किसानों से खरीद करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में सात हजार एमटी अधिक है। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन 6605 किसानों से 43 हजार एमटी गेहूं की खरीद कर सका है। जबकि शासन ने 15 जून तक गेहूं खरीद प्रक्रिया को बंद करने का निर्देश जारी किया है। ऐसे में आठ दिनों में 36 हजार एमटी गेहूं खरीदना जिला प्रशासन के लिए चुनौती है। गुरुवार तक खाद्य विभाग ने 25 केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 12 हजार के सापेक्ष 1514 किसानों से मात्र 89 एमटी गेहूं की खरीद की है। इसी प्रकार पीसीएफ ने 17 केंद्रों पर 16 हजार में चार हजार, यूपी एग्रो ने 12 केंद्रों पर 15 हजार में 77 सौ एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम ने पांच केंद्रों पर चार हजार में 26 सौ एमटी, सीपीएसएस ने पांच केंद्रों पर चार हजार में 21 सौ एमटी, यूपी पीसीयू ने 16 केंद्रों पर 13 हजार में 87 सौ एमटी, नैफेड ने 11 केंद्रों पर दस हजार में 65 सौ एमटी तथा एफसीआई ने एक केंद्र पर पांच हजार में 19 एमटी गेहूं की खरीद की है। जिला प्रशासन और क्रय केंद्र एजेंसियों की लापरवाही से किसानों से गेहूं की खरीद नहीं हो सकी। वहीं तकरीबन 20 फीसदी ऐसे किसान हैं जो गेहूं बेचेन के बाद अब भुगतान के लिए भागदौड़ कर रहे हैं।
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कोट......
इस साल 79 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य है लेकिन ऐजेंसियों की धीमी गति से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसके लिए एजेंसियों को हर हाल में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। लक्ष्य पूरा नहीं होगा तो कार्रवाई की जाएगी। अभी तक जिले में 6605 किसानों से 43 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई है। अनूप श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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