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विधायकों के समझाने पर भी नहीं मानीं आंगनबाड़ी
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:18 AM IST
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चंदौली। सम्मानजनक मानदेय और हाट कुक्ड योजना को शुरू करने की मांग को लेकर
मुख्यालय पर आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना शनिवार को 27वें दिन भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने शासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निकाय चुनाव में मतदान नहीं करने का ऐलान किया। सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और वाराणसी से अवधेश सिंह ने धरनास्थल पहुंचकर कार्यकर्ताओं का मनाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया। लेकिन आंगनबाड़ी नहीं मानीं और लिखित आश्वासन की मांग कर डाली। इसके बाद विधायक द्वय बैरंग वापस लौट गए।
धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि शासन और प्रशासन की उपेक्षा से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय देने का अपना वादा अभी तक पूरा नहीं किया है। इसके अतिरिक्त पंजीरी घोटाले की जांच भी शुरू नहीं कराई है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को 18 हजार और सहायिकाओं को दस हजार रुपये मानदेय देने सहित केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराने और चिकित्सकीय अवकाश देने की मांग की गई। इस दौरान विधायक सुशील सिंह और अवधेश सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहा। कहा कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और सीएम इसपर जरूर विचार करेंगे। लेकिन कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया कि उन्हें मौखिक नहीं बल्कि लिखित अश्वासन चाहिए। इस अवसर पर सुषमा मिश्रा, प्रियंका, रूही, रेखा, आशा देवी, नीलम आदि रहीं।
मुख्यालय पर आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना शनिवार को 27वें दिन भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने शासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निकाय चुनाव में मतदान नहीं करने का ऐलान किया। सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और वाराणसी से अवधेश सिंह ने धरनास्थल पहुंचकर कार्यकर्ताओं का मनाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सीएम तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया। लेकिन आंगनबाड़ी नहीं मानीं और लिखित आश्वासन की मांग कर डाली। इसके बाद विधायक द्वय बैरंग वापस लौट गए।
धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि शासन और प्रशासन की उपेक्षा से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय देने का अपना वादा अभी तक पूरा नहीं किया है। इसके अतिरिक्त पंजीरी घोटाले की जांच भी शुरू नहीं कराई है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को 18 हजार और सहायिकाओं को दस हजार रुपये मानदेय देने सहित केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराने और चिकित्सकीय अवकाश देने की मांग की गई। इस दौरान विधायक सुशील सिंह और अवधेश सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहा। कहा कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और सीएम इसपर जरूर विचार करेंगे। लेकिन कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया कि उन्हें मौखिक नहीं बल्कि लिखित अश्वासन चाहिए। इस अवसर पर सुषमा मिश्रा, प्रियंका, रूही, रेखा, आशा देवी, नीलम आदि रहीं।
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