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सावन का पहला सोमवार आज, तैयारी पूरी
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:43 AM IST
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मुगलसराय। सावन माह की शुरूआत सोमवार से हो रही है। सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों का तांता लगेगा। शिव मंदिरों में सावन के पहले सोमवार पर जुटने वाली भीड़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। शिवालयों में साफ सफाई के साथ सजावट की गई है। बड़े शिवालयों में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, नई बस्ती, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, अलीनगर, नई बस्ती के साथ रेलवे के आरपीएफ कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, डीजल कालोनी सहित अन्य कालोनियों के शिव मंदिरों पर दिन भर साफ सफाई का अभियान चला। बाबा भोलेनाथ की छवि को साफ कर चमकाया गया है। यही नहीं मंदिर प्रशासन ने भी भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए इंतजाम किए हैं। मंदिरों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों से पर बाबा बाबा के भजन बजने लगे हैं। इससे माहौल भक्ति मय बना हुआ है। इसी तरह सकलडीहा में बाबा कालेश्वरनाथ धाम में भक्तों की सुविधा के लिए शासन प्रशासन स्तर से तैयारियां की गई है। बाबा के जलाभिषेक के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग लाइन लगेेगी ओर बैरेकेडिंग की व्यवस्था है। मंदिर में लगे सीसी टीवी कैमरों से अवांछनीय तत्वों पर नजर रखी जाएगी। यहां बड़े पैमाने पर पुलिस की भी व्यवस्था की गई है। इसी तरह चकिया के जागेश्वरनाथ धाम में पुलिस के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। महिला और पुरुष कांवरियों के लिए अलग लाइन लगायी जाएगी। स्वयं भू शिवलिंग के दर्शन पूजन और जलाभिषेक में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। स्वयं सेवक भी यहां की व्यवस्था को संभालेंगे। चहनियां, धानापुर,कमालपुर, कंदवा, सैयदराजा, नियामताबाद, बबुरी, चकिया, इलिया, शहाबगंज इलाके में भी शिवालयों में भीड़ उमड़ेेगी और यहां पूरे इंतजाम किए गए हैं।
मुगलसराय। बाबा भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय सावन माह में बाबा बैजनाथ को जल चढ़ाऊं इसकी कामना के साथ ट्रेनों से प्रतिदिन हजारों भक्तों का जत्था ट्रेनों से बाबा धाम के लिए रवाना हो रहा है। पटना के रास्ते सुल्तानपुर और जयसीडीह की तरफ जाने वाले ट्रेनों में कांवरियों की भीड़ बढ़ गई है। सावन माह की पूर्व संध्या पर यह भीड़ अधिक दिखी। स्थिति यह है कि पटना जाने वाली ट्रेनें केशरियामय दिख रही है।
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भगवान शिव के 11 ज्योतिर्लिंगों में एक बाबा बैजनाथ का धाम झारखंड के बैजनाथ धाम में है। सावन माह में नगर सहित पूूूरे पूर्वांचलल से बड़ी संख्या में कांवरिए बाबा के जलाभिषेक के लिए जाते हैं। मुगलसराय से सुल्तानपुर पहुंच कर पश्चिमवाहिनी गंगा के जल लेकर कांवर पर रख कर भक्त बोल बम का नारा लगाते हुए 105 किलोमीटर दूर बैजनाथ धाम पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष सावन माह की शुरूआत सोमवार से हो रही है। ऐसे में सावन के पहले दिन जलाभिषेक के लिए एक सप्ताह पहले से ही भक्तों के जत्था के रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया था। सावन माह की पूर्व संध्या पर कांवरियों में उत्साह अधिक दिखा। मुगलसराय से पंजाब मेल, आनंद बिहार कोलकाता एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस, वाराणसी सियालदह एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, दादर भागलपुर, फरक्का एक्सप्रेस ट्रेनों में कांवरियों की संख्या अधिक दिखी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कांवर लेकर जाने वाले भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह तो शुरूआत हैऔर अभी से इतनी भीड़ है। ऐसे में सावन के बीच में भक्तों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन नहीं है। बुकिंग कार्यालय के सूत्रों के अनुसार सावन माह में देवघर जाने वालों की सख्या में इजाफा हुआ है। सावन के पूर्व संख्या पर डेढ़ से दो हजार कांवरिये बोलबम के लिए रवाना हुए हैं।
मुगलसराय। आसमान से रिमझिम बरसता सावन, भक्ति का रंग, साथियों के उत्साह और बोल बम, हर हर हर महादेव के जय घोष के साथ युवाओं की टोलियां सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल ही रवाना हुईं। देर शाम से भक्तों के रवाना होने का सिलसिला शुरू हुुआ तो पूरी रात भक्तों का तांता लगा और जीटी रोड बाबा के जयकारे गूंजते रहे।
भगवान शिव के एकादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए वैसे तो देेेश विदेश से भक्त पहुंचते हैं लेकिन नगर सहित आस पास के युवाओं द्वारा पैदल कांवरियां के रूप में वाराणसी पहुंचना अलग अलग ही अनुभव देता है। पिछले एक दशक में वाराणसी जाने वाले कांवरियों की संख्या बढ़ी है। जीटी रोड पर जगह जगह स्वयं सेवी संगठनों द्वारा शिविर लगातार कांवरियों को हलवा, घुघरी, चाय आदि का वितरण किया गया।
सावन के सोमवार को बाबा के जलाभिषेक का अलग ही महत्व है। बाबा की नगरी वाराणसी से सटे चंदौली जनपद के भक्तों में भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए ललक रहती है। यही कारण है कि जिले से प्रत्येक रविवार की शाम भक्तों की टोलियां बोल बम का जयघोष करते हुए वाराणसी रवाना होती है। सावन का पहला सोमवार होने की वजह से रविवार को अधिक ही उत्साह दिखा। रविवार की शाम जीटी रोड होते हुए केशरिया वस्त्रधारी भक्तों की टोली वाराणसी के लिए रवाना हुई। शाम छह बजे भक्तों के जाने का जो सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात चलता रहा। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी वर्ग के भक्त इस टोली में शामिल रहे। नगर के साथ अलीनगर, चहनियां, धानापुर, सकलडीहा, नियामताबाद, बबुरी आदि से भक्तों की टोली नाचते गाते जीटी रोड से होकर वाराणसी के लिए रवना हुए। इसी तरह चंदाली के भक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो होते हुए वाराणसी पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के मद्देेनजर जीटी रोड के दाई पटरी पर पूरी रात यातायात को रोक दिया गया था। इस मौके पर नगर में धर्मशाल रोड, नई सट्टी, चंदासी सहित अन्य स्थानों पर स्वयं सेवी संस्थानों ने शिविर लगाकर कांवरियों को हलवा का प्रसाद बांटा।
नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, नई बस्ती, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, अलीनगर, नई बस्ती के साथ रेलवे के आरपीएफ कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, डीजल कालोनी सहित अन्य कालोनियों के शिव मंदिरों पर दिन भर साफ सफाई का अभियान चला। बाबा भोलेनाथ की छवि को साफ कर चमकाया गया है। यही नहीं मंदिर प्रशासन ने भी भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए इंतजाम किए हैं। मंदिरों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों से पर बाबा बाबा के भजन बजने लगे हैं। इससे माहौल भक्ति मय बना हुआ है। इसी तरह सकलडीहा में बाबा कालेश्वरनाथ धाम में भक्तों की सुविधा के लिए शासन प्रशासन स्तर से तैयारियां की गई है। बाबा के जलाभिषेक के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग लाइन लगेेगी ओर बैरेकेडिंग की व्यवस्था है। मंदिर में लगे सीसी टीवी कैमरों से अवांछनीय तत्वों पर नजर रखी जाएगी। यहां बड़े पैमाने पर पुलिस की भी व्यवस्था की गई है। इसी तरह चकिया के जागेश्वरनाथ धाम में पुलिस के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। महिला और पुरुष कांवरियों के लिए अलग लाइन लगायी जाएगी। स्वयं भू शिवलिंग के दर्शन पूजन और जलाभिषेक में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। स्वयं सेवक भी यहां की व्यवस्था को संभालेंगे। चहनियां, धानापुर,कमालपुर, कंदवा, सैयदराजा, नियामताबाद, बबुरी, चकिया, इलिया, शहाबगंज इलाके में भी शिवालयों में भीड़ उमड़ेेगी और यहां पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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मुगलसराय। बाबा भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय सावन माह में बाबा बैजनाथ को जल चढ़ाऊं इसकी कामना के साथ ट्रेनों से प्रतिदिन हजारों भक्तों का जत्था ट्रेनों से बाबा धाम के लिए रवाना हो रहा है। पटना के रास्ते सुल्तानपुर और जयसीडीह की तरफ जाने वाले ट्रेनों में कांवरियों की भीड़ बढ़ गई है। सावन माह की पूर्व संध्या पर यह भीड़ अधिक दिखी। स्थिति यह है कि पटना जाने वाली ट्रेनें केशरियामय दिख रही है।
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भगवान शिव के 11 ज्योतिर्लिंगों में एक बाबा बैजनाथ का धाम झारखंड के बैजनाथ धाम में है। सावन माह में नगर सहित पूूूरे पूर्वांचलल से बड़ी संख्या में कांवरिए बाबा के जलाभिषेक के लिए जाते हैं। मुगलसराय से सुल्तानपुर पहुंच कर पश्चिमवाहिनी गंगा के जल लेकर कांवर पर रख कर भक्त बोल बम का नारा लगाते हुए 105 किलोमीटर दूर बैजनाथ धाम पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष सावन माह की शुरूआत सोमवार से हो रही है। ऐसे में सावन के पहले दिन जलाभिषेक के लिए एक सप्ताह पहले से ही भक्तों के जत्था के रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया था। सावन माह की पूर्व संध्या पर कांवरियों में उत्साह अधिक दिखा। मुगलसराय से पंजाब मेल, आनंद बिहार कोलकाता एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस, वाराणसी सियालदह एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, दादर भागलपुर, फरक्का एक्सप्रेस ट्रेनों में कांवरियों की संख्या अधिक दिखी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कांवर लेकर जाने वाले भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह तो शुरूआत हैऔर अभी से इतनी भीड़ है। ऐसे में सावन के बीच में भक्तों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन नहीं है। बुकिंग कार्यालय के सूत्रों के अनुसार सावन माह में देवघर जाने वालों की सख्या में इजाफा हुआ है। सावन के पूर्व संख्या पर डेढ़ से दो हजार कांवरिये बोलबम के लिए रवाना हुए हैं।
मुगलसराय। आसमान से रिमझिम बरसता सावन, भक्ति का रंग, साथियों के उत्साह और बोल बम, हर हर हर महादेव के जय घोष के साथ युवाओं की टोलियां सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल ही रवाना हुईं। देर शाम से भक्तों के रवाना होने का सिलसिला शुरू हुुआ तो पूरी रात भक्तों का तांता लगा और जीटी रोड बाबा के जयकारे गूंजते रहे।
भगवान शिव के एकादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए वैसे तो देेेश विदेश से भक्त पहुंचते हैं लेकिन नगर सहित आस पास के युवाओं द्वारा पैदल कांवरियां के रूप में वाराणसी पहुंचना अलग अलग ही अनुभव देता है। पिछले एक दशक में वाराणसी जाने वाले कांवरियों की संख्या बढ़ी है। जीटी रोड पर जगह जगह स्वयं सेवी संगठनों द्वारा शिविर लगातार कांवरियों को हलवा, घुघरी, चाय आदि का वितरण किया गया।
सावन के सोमवार को बाबा के जलाभिषेक का अलग ही महत्व है। बाबा की नगरी वाराणसी से सटे चंदौली जनपद के भक्तों में भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए ललक रहती है। यही कारण है कि जिले से प्रत्येक रविवार की शाम भक्तों की टोलियां बोल बम का जयघोष करते हुए वाराणसी रवाना होती है। सावन का पहला सोमवार होने की वजह से रविवार को अधिक ही उत्साह दिखा। रविवार की शाम जीटी रोड होते हुए केशरिया वस्त्रधारी भक्तों की टोली वाराणसी के लिए रवाना हुई। शाम छह बजे भक्तों के जाने का जो सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात चलता रहा। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी वर्ग के भक्त इस टोली में शामिल रहे। नगर के साथ अलीनगर, चहनियां, धानापुर, सकलडीहा, नियामताबाद, बबुरी आदि से भक्तों की टोली नाचते गाते जीटी रोड से होकर वाराणसी के लिए रवना हुए। इसी तरह चंदाली के भक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो होते हुए वाराणसी पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के मद्देेनजर जीटी रोड के दाई पटरी पर पूरी रात यातायात को रोक दिया गया था। इस मौके पर नगर में धर्मशाल रोड, नई सट्टी, चंदासी सहित अन्य स्थानों पर स्वयं सेवी संस्थानों ने शिविर लगाकर कांवरियों को हलवा का प्रसाद बांटा।